सिर्फ 20 की उम्र में थकान, कमजोरी और लो स्टैमिना? कहीं ये 50 की उम्र वाली बीमारियों के शुरुआती संकेत तो नहीं!
आजकल बहुत से युवा 20 साल की उम्र में ही थकान, कमजोरी और स्टैमिना की कमी महसूस करते हैं। यह सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने का मतलब है कि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी, नींद की खराबी, तनाव या हार्मोन में बदलाव हो सकता है, आइए जानतें हैं इन लक्षणों के बारें में
हर वक्त थका-थका महसूस करना
अगर आप सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस करते हैं, तो ये शरीर में आयरन, विटामिन D या B12 की कमी का संकेत हो सकता है। लगातार यह थकान आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूलना
20 साल की उम्र में ही अगर थोड़ी दौड़ या सीढ़ी चढ़ते वक्त सांस फूलने लगे, तो यह फेफड़ों की क्षमता घटने या हार्ट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। यह कार्डियो वस्कुलर सिस्टम की कमजोरी को दर्शाता है और लो स्टैमिना का संकेत देता है।
सुस्ती और आलस्य
शरीर के साथ-साथ अगर दिमाग भी धीमा महसूस कर रहा है, तो यह नर्वस सिस्टम में गड़बड़ी या थायरॉइड की समस्या का लक्षण हो सकता है। आलस्य और मोटिवेशन की कमी आपके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर सकती है।
बार-बार बीमार पड़ना
20 की उम्र में भी बार-बार सर्दी-जुकाम या अन्य संक्रमण होना यह बताता है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है। पोषक तत्वों की कमी और नींद की खराब गुणवत्ता इसकी बड़ी वजह हो सकती हैं।
लैंगिक समस्या
कम उम्र में ही यौन इच्छा की कमी, इरेक्शन में समस्या या स्टैमिना में गिरावट, असंतुलन या तनाव की ओर इशारा करते हैं। यह मर्दों की कमजोरी का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
कम उम्र में भी अगर नियमित रूप से शरीर में जकड़न या मांसपेशियों में दर्द होता है, तो यह मेटाबॉलिज्म की कमजोरी या विटामिन D की गंभीर कमी का संकेत हो सकता है। यह हड्डियों और मांसपेशियों को प्रभावित करता है ।
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