जानवरों की दुनिया में मादाओं का असली दबदबा, नर रह गए पीछे..!
Female Dominant Animals: नई रिसर्च ने दिखाया है कि जानवरों में हमेशा नर सबसे ताकतवर नहीं होते. गोरिल्ला, हाथी और पक्षियों में मादाएं अक्सर नरों से बड़ी ताकत, बुद्धि और नेतृत्व दिखाती हैं और समूह में नियंत्रण रखती हैं.
गोरिल्ला समाज में बदलती सोच
नई रिसर्च से पता चला है कि फीमेल गोरिल्ला केवल कमजोर नहीं होतीं, बल्कि कई बार अपने से दोगुने आकार के नर गोरिल्लाओं पर भी हावी हो जाती हैं, खासकर गैर-अल्फा नरों पर.
आकार नहीं, रणनीति अहम
25 सालों के अध्ययन में सामने आया कि 88% फीमेल गोरिल्लाओं ने कम से कम एक वयस्क नर को सामाजिक रैंक में पीछे छोड़ा. इससे साफ है कि ताकत के साथ-साथ सामाजिक गठजोड़ और रणनीति भी जरूरी हैं.
बोनोबो
बोनोबो समुदाय में मादाएं आपसी सहयोग से नरों पर प्रभुत्व रखती हैं. नर की हैसियत उसकी मां की सामाजिक स्थिति से तय होती है, न कि शारीरिक शक्ति से.
हाथी
हाथियों के झुंड का नेतृत्व सबसे बुजुर्ग और अनुभवी मादा (मेट्रिआर्क) करती है, जो यात्रा, सुरक्षा और संसाधनों से जुड़े सभी अहम फैसले लेती है.
चित्तीदार लकड़बग्घा
इस प्रजाति में मादाएं आकार में बड़ी, अधिक आक्रामक और सामाजिक रूप से नरों से ऊपर होती हैं. सबसे ऊंचे दर्जे का नर भी सबसे निचली मादा से नीचे रहता है.
शिकारी पक्षी
चील, बाज और उल्लू में मादाएं नरों से बड़ी और शक्तिशाली होती हैं. वे घोंसले और क्षेत्र पर प्रभुत्व रखती हैं तथा अहम निर्णय लेती हैं.
कोमोडो ड्रैगन
मादा कोमोडो ड्रैगन अधिक बड़ी और क्षेत्रीय होती हैं. वे घोंसलों पर कंट्रोल रखती हैं और आवश्यकता पड़ने पर बिना नर के भी प्रजनन कर सकती हैं.