बिहार चुनाव में हार, लालू परिवार में विवाद के बाद RJD के सामने एक और बड़ा संकट, मनोज झा बनेंगे शिकार?

Rajya Sabha Seats Bihar: बिहार में RJD की बुरी तरह हार के बाद RJD नेता मनोज झा की टेंशन बढ़ चुकी हैं, आइए विस्तार से जानें पूरी खबर.

Published by Shristi S
Manoj Jha Rajya Sabha Seat: बिहार की राजनीति में RJD नेता मनोज झा काफी जानें-मानें और लोकप्रिया नेताओं में से एक है. राज्यसभा में उनके भाषण हमेशा चर्चा का विषय बनते है. लेकिन अब जब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election) में NDA की भारी बहुमत की जीत और RJD की हार ने पूरे समीकरण को बदल कर रख दिया है. बीजेपी और जेडीयू की इस जीत से अब यह भी अटकलें लगाए जा रहे है कि कहीं अब 2030 में RJD मुक्त राज्यसभा न हो जाए. यह तेजस्वी यादव के लिए चिंता का विषय तो है ही साथ ही मनोज झा के लिए भी मुसीबत बनती नजर आ रही है.

कैसे बढ़ी मनोज झा की टेंशन?

दरअसल, बिहार के चुनावों में RJD की हार ने पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है क्योंकि बिहार की 16 राज्यसभा सीटों में से छह सीटें इस गठबंधन के पास हैं. इनमें से पांच सीटें RJD और एक कांग्रेस की हैं. बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव अगले साल अप्रैल में होंगे. RJD के दो सांसदों प्रेमचंद्र गुप्ता और ए.डी. सिंह का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, जबकि JDU के हरिवंश और रामनाथ ठाकुर और RLM के उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा. इन पांचों सीटों पर NDA का जीतना तय माना जा रहा है, क्योंकि गणित उसके पक्ष में है.

कब होगा मनोज झा का कार्यकाल समाप्त?

मनोज झा के कार्यकाल समाप्त होने की बात करें तो RJD नेता मनोज झा का कार्यकाल 2030 में समाप्त होगा उनके साथ संजय यादव का भी कार्यकाल समाप्त होगा. ऐसे में राज्यसभा सीट एक सीट जीतने के लिए 41 MLA चाहिए, जबकि ग्रैंड अलायंस के पास सिर्फ़ 35 हैं। इसी तरह, जुलाई 2028 में पांच सीटों के लिए फिर से चुनाव होंगे। उस समय, RJD के फैयाज अहमद, BJP के सतीश चंद्र दुबे, मनन कुमार मिश्रा और शंभू शरण पटेल, और जेडीयू के खीरू महतो रिटायर हो जाएंगे. वहीं बिहार से 1 राज्यसभा जीतने के लिए 41 विधायक होने जरूरी है, जब कि महागठबंधन के पास सिर्फ 35 सीटें ही है.

कैसें मिल सकती है महागठबंधन को राज्यसभा सीट?

महागठबंधन की जीत तभी पक्की है जब ओवैसी के पांच AIMIM MLA और एक BSP MLA उनका साथ दें. पिछली बार तेजस्वी यादव ने ओवैसी के पांच में से चार MLA तोड़ लिए थे, लेकिन इस बार ओवैसी ने उन्हीं पांच सीटों को फिर से जीतकर एक मज़बूत मैसेज दिया है, और यह इस बार उनकी पार्टी से जीते MLAs के लिए भी एक मज़बूत मैसेज है. दूसरी ओर, बिहार की ज़्यादातर राज्यसभा सीटों पर NDA की जीत 2030 तक BJP की स्थिति को काफ़ी मज़बूत करेगी.
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