Silver rate today 13 April 2026: अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर देखने को मिल रहा है, इसी बीच चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं भारतीय वायदा और सर्राफा बाजार में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं.
वैश्विक बाजार में चांदी का हाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX में चांदी की कीमतों में आज करीब 3.29% की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद दाम घटकर लगभग $74 प्रति औंस पर आ गए, हालांकि इससे पहले चांदी में मजबूती का रुख भी देखने को मिला था, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं और मुनाफावसूली के चलते कीमतों में दबाव बना हुआ है.
चांदी के वायदा भाव में हल्की बढ़त
भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा भाव में हल्की बढ़त दर्ज की गई है, बाजार खुलने पर चांदी ₹2,43,300 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह ₹2,43,274 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, गौर करने वाली बात यह है कि 29 जनवरी को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था.
IBJA और सर्राफा बाजार के ताजा रेट
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोमवार सुबह तक चांदी की कीमत ₹2,39,934 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है, वहीं दिल्ली में सभी टैक्स सहित चांदी का भाव करीब ₹2,47,000 प्रति किलोग्राम बना हुआ है.
भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के भाव
देश के कई शहरों में चांदी की कीमत लगभग समान स्तर पर बनी हुई है, जबकि कुछ शहरों में हल्का अंतर देखने को मिला है-
- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, नोएडा: ₹2,60,000 प्रति किलो
- चेन्नई, हैदराबाद, भुवनेश्वर, कटक: ₹2,65,000 प्रति किलो
- अधिकांश अन्य शहर: ₹2,60,000 प्रति किलो के आसपास
बाजार रुझान
पिछले कारोबारी दिन चांदी के दामों में मजबूती और उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिले, दिल्ली में चांदी 3,800 रुपये बढ़कर ₹2,47,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी, जबकि वायदा बाजार में बिकवाली के दबाव के चलते गिरावट भी दर्ज की गई, पूरे सप्ताह में चांदी में लगभग 4.2% की तेजी रही थी. विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की कमजोरी और वैश्विक मांग-आपूर्ति के असंतुलन के कारण देखा जा रहा है, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों की मुनाफावसूली और कमजोर हाजिर मांग ने वायदा बाजार पर दबाव बनाया है, जबकि सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी को अभी भी समर्थन मिल रहा है.
Published by Ranjana Sharma
April 13, 2026 09:40:22 AM IST

