‘मकान उनका नहीं, आम लोगों का है…’ राहुल गांधी को बंगला खाली करने के नोटिस पर बोलीं स्मृति ईरानी

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान राहुल गांधी को सांसदी जाने के बाद मिले बंगला खाली करने के नोटिस पर स्मृति ईरानी ने कहा कि वह मकान उनका नहीं है, बल्कि आम लोगों का है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करने की कोशिश में पूरे ओबीसी समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब गांधी परिवार ने दलित या पिछड़े समुदायों के लोगों का अपमान करने की कोशिश की है। जब पहली बार देश में कोई आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी, उस वक्त भी गांधी परिवार के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी के लोगों ने द्रौपदी मुर्मू को अपमानित किया था।

ओबोसी समाज को गाली देने के लिए सजा

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने किसी व्यक्ति को गाली देने के लिए नहीं बल्कि पूरे ओबीसी समुदाय को गाली देने के लिए दोषी ठहराया है और ये बात हमारे देश का हर नागरिक जानता है उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि वह प्रधानमंत्री मोदी की छवि नष्ट नहीं कर देते हैं, तब तक वह हमला करते रहेंगे। स्मृति ने कहा कि गांधी परिवार ने सत्ता में रहते हुए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे और आम लोगों का प्यार पीएम मोदी के लिए कम नहीं कर सके।

राहुल को मिला बंगला खाली करने का नोटिस

इससे पहले सोमवार को लोकसभा की हाउसिंग कमेटी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया। कमेटी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को 22 अप्रैल तक बंगला खाली करने के लिए कहा है। बता दें कि, राहुल गांधी अब संसद के सदस्य नहीं है। 24 मार्च को मानहानि के मुकदमे में उन्हें दो साल की सजा के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई। लोकसभा सचिवालय ने नोटिस जारी कर इस बात की जानकारी दी। राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव में केरल की वायनाड सीट से सांसद चुने गए थे। इससे पहले 23 मार्च को को चार साल पुराने मानहानि से जुड़े एक मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने दोषी करार दिया। कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को 2 साल की सजा सुनाई और 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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