April 16, 2024
  • होम
  • सरकार पर मुफ़्ती का तंज, बोलीं- जम्मू-कश्मीर में लोहार नहीं सुनार वाले मोड में आइए

सरकार पर मुफ़्ती का तंज, बोलीं- जम्मू-कश्मीर में लोहार नहीं सुनार वाले मोड में आइए

  • WRITTEN BY: Aanchal Pandey
  • LAST UPDATED : July 28, 2022, 4:09 pm IST

श्रीनगर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के कई जेलों में बंद कश्मीरी युवाओं को जल्द से जल्द रिहा किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर जिसे सरकार ने जेल बना दिया है उस जम्मू-कश्मीर को बाहर की दुनिया के साथ खोलें जैसे दूसरे कश्मीर को खोल दिया गया है. उन्होंने इसी पर लोहार के जगह सुनार बनने की भी बात कही.

इसे जेल मत बनाइए- महबूबा मुफ़्ती

महबूबा मुफ्ती ने एक रैली को संबोधित करते हुए सरकार पर हमला करते हुए कहा- आपने जम्मू कश्मीर को जेल बना दिया है, हमारे हजारों नौजवानों को देश के कई जेलों में बंद कर दिया गया है. आखिर उन्हें क्यों बंद कर रखा गया है, सिर्फ शक की बुनियाद पर. उन्होंने कहा, “मेरी आपसे गुजारिश है, इंसान का दिल रखकर महसूस कीजिए कि उन नौजवानों के घरों की क्या हालत होगी, जिनके लख्ते-जिगर को आपने तिहाड़ जेल, आगरा जेल या फिर न जाने कहां-कहां बंद कर रखा है. उनके पास किराया तक नहीं है कि वो अपने परिवार से मिल सके. मेरी आपसे गुजारिश है कि इन लोगों को रिहा कर दिया जाए, जिससे ये अपने घर जा सकें.”

जम्मू-कश्मीर को जेल बना दिया आपनेः महबूबा

जम्मू-कश्मीर के बारे में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जिसे जेल बना दिया गया है उस जम्मू-कश्मीर को बाहर की दुनिया के साथ जोड़िए, जिस तरह पाकिस्तान और चीन दूसरे कश्मीर को जोड़ रहे हैं, ताकि मेरा बुजुर्ग यहां से निकलकर हज को जा सके. अगर आप वाकई विश्व गुरु बनना चाहते हैं तो आप पहले अपना घर संभालिए, अगर आप इसे अपना मानते हैं तो.

सच बर्दाश्त नहीं कर सकती केंद्र सरकार- महबूबा मुफ़्ती

केंद्र शासित प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने ट्विटर पर कहा, “लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका पर भारत के प्रधान न्यायाधीश की टिप्पणी के फौरन बाद आकाश हसन को विदेश जाने से रोका गया.” उन्होंने कहा, “यह कोई राज नहीं है कि भारत सरकार हमारे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलना चाहती है, क्योंकि उसे सच बर्दाश्त नहीं होता है.”

दरअसल जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने कश्मीरी पत्रकार आकाश हसन को श्रीलंका जाने की इजाजत नहीं दी थी. दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के रहने वाले आकाश हसन मंगलवार शाम श्रीलंका जा रहे थे, उस समय उनका बोर्डिंग पास रद्द कर दिया गया और उन्हें विमान से उतार दिया गया. जहां वह मौजूदा संकट को कवर करने के लिए जाना चाहते थे, महबूबा मुफ़्ती ने इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नाराज़गी जताई थी.

 

Rashtrapatni Row: लोकसभा में स्मृति ईरानी से भिड़ी सोनिया गांधी, कहा- ‘Don’t Talk To Me’

Tags

विज्ञापन

शॉर्ट वीडियो