हिंसा के बीच ओवैसी का केंद्र पर हमला, हिंसा ना करने की नहीं की अपील

नई दिल्ली, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के लिए मोदी सरकार पर जमकर वार किया है. अग्निपथ को लेकर देश के कई हिस्सों में हो रही हिंसा के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए ओवैसी ने पीएम से अपील की है कि वह तत्काल इस स्कीम को वापस लें लें. हालांकि, एक टीवी डिबेट के दौरान जब उनसे यह कहा गया कि वह हिंसा करने वालों से इसे रोकने की अपील कर दें तो उन्होंने ऐसा करने से साफ़ इंकार करते हुए कहा कि सरकार इसके लिए जिम्मेदार है.

“क्या हुआ बुलडोज़र का”

ओवैसी ने कहा कि देश में 2 साल में चुनाव तो हुए लेकिन सेना में भर्ती नहीं की गई. उन्होंने कहा, ”मैं भाजपा से अपील कर रहा हूं कि आप देश की जनता की आवाज को सुनिए, अपनी गलती मानिए और इस फैसले को फ़ौरन वापस ले लीजिए. यह क्यों हुआ, देश के प्रधानमंत्री से मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि आप फैसले को तत्काल वापस ले लीजिए. यदि हिंसा हो रही है तो सरकार क्या कर रही है इसके लिए सरकार जिम्मेदार है. आप तो बुलडोजर, बुलडोजर कर रहे थे, क्या हुआ बुलडोजर का.”

बिहार के छात्रों ने दिया केंद्र सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम

केंद्र सरकार द्वारा लाइ गई अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग करते हुए बिहार के छात्र सड़कों पर उतर आए हैं. बिहार के छात्र-युवा संगठन आइसा-इनौस, रोजगार संघर्ष संयुक्त मोर्चा और सेना भर्ती जवान ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है. इन संगठनों ने मोदी सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ और युवाओं का मजाक उड़ाने वाली इस योजना को वापस नहीं लेती, तो 18 जून को बिहार बंद और फिर भारत बंद किया जाएगा. वहीं आरजेडी ने भी 18 जून को बिहार बंद का ऐलान किया है.

 

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