सहारनपुर हिंसा को लेकर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 2 उपद्रवियों के घर चला बुलडोजर

सहारनपुर। UP के सहारनपुर में जुमे की नमाज के बाद उपद्रव करने वालों पर बड़ी कार्रवाई हुई। शनिवार को पुलिस टीम 2 उपद्रवी के घर पहुंची। यहां पर खत्ता खेड़ी और हबीबगढ़ में रहीश व मुजम्मिल के घर पर बुलडोजर चलाकर धराशायी कर दिया गया। बता दें कि सहारनपुर में शुक्रवार को हिंसा हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने अब तक 56 को अरेस्ट कर लिया है। अन्य की तलाश में छापेमारी लगातार जारी है।

सहारनपुर में शुक्रवार की नमाज के बाद हुई हिंसा के पीछे कुछ बाहरी लोग हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को जामा मस्जिद के बाहर कुछ ऐसे लोग दिखे, जो यहां पहले कभी नहीं देखे गए। ये लोग काले रंग का कुर्ता-पायजामा और नीली टोपी पहने हुए थे। ये लोग कोल्ड ड्रिंक में मिला कर शराब पी रहे थे और भीड़ के मस्जिद से बाहर निकलते ही भड़काऊ नारे लगाने लगे। इसके बाद ही हिंसा भड़क उठी।

स्थानीय लोगों ने हिंसा की आशंका जताई

एक दुकानदार ने बताया कि गुरुवार को ही हमें पता चला था कि मुस्लिम समुदाय की तरफ से कोई बड़ी प्लानिंग चल रही है। जिसकी पटकथा हलवाई जान, नक्सा बाजार, लोहिनी सराय, कटपीस वाली गली में लिखी जा रही थी।

शुक्रवार को जुम्मे की नमाज से पहले काले कपड़े और नीली टोपी पहने करीब 50 युवक चौक फाउंटेन पहुंचे। यहां इन लोगों ने कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर शराब पी। जैसे ही नमाजी मस्जिद से बाहर निकले। ये युवक नारा-ए-तकबीर, अल्लाह हू अकबर जैसे नारे लगाने लगे। इसके बाद अन्य युवक भी इसमें शामिल हो गए और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या हजारों में पहुंच गई।

रेहड़ी वाले नमाज पढ़ने क्यों नहीं गए

चश्मदीदों के मुताबिक, जामा मस्जिद के सामने फल और सब्जी बेचने वाले नमाज से कुछ देर पहले ही मस्जिद से निकले थे। गुरुवार से आपस में फुसफुसाहट चल रही थी। कुछ बड़ा होने की उम्मीद थी। लोगों का कहना है कि मस्जिद के सामने सब्जी बेचने वाले कई दुकानदारों में से कुछ ने रेहड़ी नहीं लगाई।

वहीं, जिन लोगों ने अपनी रेहड़ी लगाई, उन्होंने भी शुक्रवार को सब्जी नहीं खरीदी थी। गुरुवार को लाई गई सब्जियां ही शुक्रवार को बिक रही थीं। लोगों का कहना है कि इनमें से कुछ लोग नमाज पढ़ने भी नहीं जाते थे, जबकि हर शुक्रवार को सभी नमाज पढ़ने जाते थे।

शुक्रवार की नमाज में पहले से ज्यादा भीड़

सहारनपुर की जामा मस्जिद में शुक्रवार दोपहर 12 बजे से भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मस्जिद के अंदर लोग नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की बात कर रहे थे। नमाज खत्म होते ही प्रदर्शन शुरू हो गया। नुपुर शर्मा मुर्दाबाद, नूपुर को जेल भेजों जैसे नारे लगे। पुलिस ने समझाना शुरू किया, लेकिन बात नहीं बनी।

हंगामे की सूचना पर हिंदू संगठन भी बाजारों में आ गए

करीब पौने तीन बजे हिंदू संगठन के लोग भी बाजारों में उतर आए थे। हिंदू युवा वाहिनी, भैरव करणी सेना और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के अलावा भाजपा के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, नगर अध्यक्ष राकेश जैन समेत सैकड़ों कार्यकर्ता भी पहुंचे थे, लेकिन सिटी एसपी राजेश कुमार ने समझाया और सभी को अलग किया।

काले कपड़े व नीली टोपी वालों की होगी पहचान 

सहारनपुर के एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि काले कपड़े और नीली टोपी के मामले में जांच की जा रही है। ये युवक कहां से आए थे और इनकी मंशा क्या थी, इसकी भी जांच की जा रही है।

वायरल फर्जी मैसेज को सच मान लिया गया

8 जून को जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की तस्वीर वाला एक संदेश इंटरनेट पर वायरल हो गया। संदेश में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस संदेश के 24 घंटे बाद मौलाना अरशद मदनी ने इससे इनकार किया। उन्होंने कहा था कि उनका या उनके संगठन का भारत बंद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की।

घर-घर चल रहा तलाशी अभियान

एडीजी ने आगे बताया कि कल जो घटना हुई उसमें कुछ जिलों में कुछ व्यक्तियों ने शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की। अभी जिनकी पहचान की जा चुकी है। उनकी गिरफ़्तारी बहुत तेजी से की जा रही है और अब तक 230 व्यक्तियों की गिरफ़्तारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने वालों की घर-घर तलाशी की जा रही है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

प्रशांत कुमार ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है। हिंसा में शामिल दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई होगी और उनकी संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को जो क्षति हुई है उसकी वसूली भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

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