Thursday, December 8, 2022
गुजरात(182/182) हिमाचल (68/68)
BJP - 146 BJP - 33
AAP - 08 CONG - 32
CONG - 25 AAP - 00
OTH - 02 OTH - 03
Rohit Sharma Six

Rohit Sharma: सीरीज गंवाने के बाद भी कप्तान रोहित ने रचा इतिहास, ऐसा रिकॉर्ड...

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नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच खेले जा रहे तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को 5 रनों...

खतौली उपचुनाव: ख़त्म हुआ पहला राउंड पलटी बाजी, रालोद के मदन भैया आगे

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खतौली : मतगणना के समय जहां भाजपा और रालोद में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही थी वहीं अब मदन भैया ने इस...

Gujarat Elections 2022: जामनगर उत्तर से रीवाबा जडेजा आगे

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Kurhani By Election: कौन बनेगा कुढ़नी का किंग ? पहले राउंड में BJP आगे...

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कुढ़नी : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की कुढ़नी विधानसभा सीट पर पहले राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है. जहां शुरुआती रुझानों में जेडीयू...

India Presidential Election: जानिए राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी ये 5 जरुरी बातें

नई दिल्ली: केंद्रीय चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके तहत 28 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा और 21 तारीख को मतगणना की जाएगी। राष्ट्रपति पद का चुनाव तब होगा जब उम्मीदवार एक से ज्यादा होंगे और चुनाव की नौबत आएगी। 18 जुलाई अगर चुनाव होता है तो इसमें लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के सदस्य हिस्सा लेंगे और 21 जुलाई को मतगणना होगी जिसके बाद देश के नए राष्ट्रपति के नाम की घोषणा की जाएगी।

चुनाव आयोग देगा मतदाताओं को पेन

चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डालने वाले सांसदों और विधायकों के लिए नियम भी जारी कर दिए है. वोट देने वाले मतदाताओं को चुनाव आयोग अपनी तरफ से एक पेन मुहैया कराएगा, ये पेन रिटर्निंग ऑफिसर के पास मौजूद रहेगा। मतदान केंद्र में यह पेन मतदाताओं को मत पत्र सौंपते समय दिए जाएंगे। अगर मतदाताओं ने वोट चिन्हित करने के लिए किसी और पेन का इस्तेमाल किया तो मतगणना के समय उनका वोट अवैध करार दे दिया जाएगा।

प्रथम चुनाव चिन्ह करना होगा जरूरी

 उम्मीदवारों की संख्या के मुताबिक वरीयता देते हुए मतदान करना होता है. मतदाताओं ने अगर अपनी प्रथम वरीयता का वोट नहीं दिया तो यह वोट अवैध माना जाएगा, यानी पहली पसंद भरना जरूरी होगा।

किस किस को वोट डालने का अधिकार।

– सदन के दोनों सदनों यानी लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य
-राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य
– राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा के सदस्य

राष्ट्रपति पद के लिए होता है अप्रत्यक्ष चुनाव

भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता के वोटों से तय नहीं होता बल्कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि जाने की सांसदों और विधायकों के वोटों से राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है। इसीलिए इस चुनाव को अप्रत्यक्ष चुनाव भी कहते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में संसद में नामित सदस्यों और विधान परिषदों के सदस्य वोट नहीं डाल सकते हैं क्योंकि यह जनता द्वारा सीधे नहीं चुने जाते हैं.

सांसदों और विधायकों की वोट का वेटेज अलग-अलग

वोट डालने वाले सांसदों और विधायकों की वोट का वेटेज अलग-अलग होता है. अलग-अलग राज्यों के विधायकों के वोटों का वेटेज भी अलग होता है. बता दें ये वेटेज जिस तरह तय किया जाता है उसे आनुपातिक प्रतिनिधित्व व्यवस्था कहते हैं। वर्तमान में देश के राज्यों के सभी विधायकों के वोट का वैल्यू 5,43,231 है. वहीं लोकसभा के सांसदों का कुल वैल्यू 5,43,200 है। सबसे अधिक यूपी का वोट वैल्यू 208 है और सबसे कम सिक्किम का 7 है.

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