अग्निपथ स्कीम: सेना में भर्ती को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ बोले- ‘किसी भी तरह की खामी का होगा उचित समाधान’

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा सशस्त्र बलों में भर्ती की योजना अग्निपथ के बाद से देश में आक्रोश का महौल है। इस योजना का युवा लगातार विरोध कर रहे है। विरोध और आलोचनाओ के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि सशस्त्र बलों में भर्ती की अग्निपथ योजना की सरकार सालाना समीक्षा करेगी. सलाना समीक्षा के बाद यदि कोई खामी या चुनौती आई तो उसका उचित समाधान करेगी. इस योजना को मुख्य हितधारकों से दो साल तक मंथन के बाद अंतिम रूप दिया गया है. उन्होंने इस योजना को ‘परिवर्तनकारी’ करार दिया है.

14 जून को सरकार ने सेना में भर्ती के लिए इस योजना की घोषणा की जिसमें साढ़े 17 से 21 साल की उम्र के युवकों को चार साल के लिए भर्ती की जाएगी. इस स्कीम के तहत हुए भर्ती में 25 प्रतिशत युवकों को सेना में 15 साल और काम करने का मौका दिया जाएगा. 2022 के लिए भर्ती की ऊपरी आयुसीमा को 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी गई है. बता दें की इस योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे क्योंकि योजना के तहत भर्ती 75 प्रतिशत युवकों के लिए रोजगार गांरटी नहीं दे रही है.

साल में होगी समीक्षा

बता दें कि राजनाथ सिंह ने न्यूज एजेंसी के एक कार्यक्रम में कहा कि, “योजना को लागू करने दीजिए. हम हर साल इसकी समीक्षा करेंगे और अगर कोई कमी या चुनौती आएगी तो हम उन्हें दूर करने की कोशिश करेंगे. यह हमारी सरकार का वादा है.” उन्होंने कहा कि यह सशस्त्र बलों में भर्ती की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव होगा.

4 साल में रिटायर होने वाले चिंता न करें

‘अग्निवीर’ (Agniveer) के तौर पर भर्ती 75 प्रतिशत युवकों की सेवा चार साल में समाप्त होने का संदर्भ देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने उनके लिए कुछ योजना बनाई है. उन्होंने कहा, “जब भी कोई योजना आती है तो लोगों के दिमाग में उनके प्रति कुछ आशंकाएं होती हैं. मैं नहीं कह रहा कि कोई आशंका नहीं होनी चाहिए. लेकिन हम इन सभी चिंताओं पर चर्चा करने को तैयार हैं और अगर कोई चुनौती आती है तो हम उसका समाधान करेंगे.

India Presidential Election: जानिए राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी ये 5 जरुरी बातें

Latest news