Indira Gandhi Death Anniversary: इंदिरा गांधी पर पहले ग्रेनेड हमला होना था, बाद में गोली मारने का बना प्लान

नई दिल्ली। आज ही के दिन साल 1984 में देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गोली से मारकर हत्या कर दी थी। पूर्व पीएम की मौत की वजह उनके ही सुरक्षा में तैनात दो सिख बॉडीगार्ड बने। इंदिरा गांधी की मौत के तीन दशक बाद उनके पोते राहुल गांधी ने बड़ी बात कही थी। उन्होंने बताया कि दादी पर पहले ग्रेनेड बम से हमला होने वाला था, लेकिन बाद में उनको गोली मार कर हत्या कर दी गई।

हत्यारों ने राहुल से कही थी ये बात

बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी दादी की मौत के 3 दशक बाद बेअंत सिंह और सतवंत सिंह को याद करते हुए उन्हें अपना दोस्त बताया था, बेअंत ने ही राहुल गांधी को बैडमिंटन खेलना सिखाया। एक बार उसने राहुल गांधी से पूछा था कि उनकी दादी कहां सोई थीं और क्या उनकी सुरक्षा पर्याप्त थी। साथ में यह भी कहा था कि कभी कोई ग्रेनेड फेंके, तो तुम तुरंत लेट जाना। राहुल गांधी के अनुसार उनको बाद में पता चला कि दादी की सुरक्षा में तैनात उनके बॉडीगार्ड सतवंत और बेअंत दीवाली के दौरान उनपर ग्रेनेड फेंकने वाले थे। ग्रेनेड हमला फेल होने की वजह से उनके बॉडीगार्ड ने दूसरा प्लान तैयार किया जिसके तहत उसने मौका पाकर इंदिरा गांधी पर गोलियां बरसा दी।

ऐसे बनी थी हत्या की साजिश

पूर्व पीएम की मौत की वजह ऑपरेशन ब्लूस्टार बनी। कहा जाता है कि बेअंत सिंह पहले धार्मिक व्यक्ति नहीं था लेकिन ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद उसके अंदर काफी परिवर्तन दिखाई दिए। बेअंत नियमित गुरुद्वारा जाने लगा था। जहां पर उसकी मुलाकात अंकल केहर सिंह से होने लगी। एक दिन ऑपरेशन ब्लूस्टार की बात होने पर वह रोने लगा था, जिसपर उसके अंकल ने कहा कि, ‘रो मत, बदला ले।’ इसी के बाद बॉडीगार्ड के दिमाग में इंदिरा गांधी की हत्या का ख्याल आया था।

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