April 23, 2024
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Illegal Mining Case: अखिलेश यादव ने CBI के नोटिस का जानें क्या दिया जवाब

  • WRITTEN BY: Shiwani Mishra
  • LAST UPDATED : March 1, 2024, 9:53 am IST

नई दिल्ली: खनन घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा सम्मन किए जाने पर सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. दरअसल उन्होंने पत्र के द्वारा अपना जवाब सीबीआई को भेज दिया है, और सूत्रों ने कहा है किUP Politics Akhilesh Yadav Replied On CBI Notice In Mining Case | CBI की नोटिस पर Akhilesh Yadav ने दिया जवाब, बताया- पूछताछ के लिए क्यों नहीं आएउन्होंने सीबीआई से पूछा कि चुनाव से पहले उन्हें नोटिस क्यों भेजा गया और जांच में सहयोग करने का वादा किया है, उन्होंने लखनऊ में और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बयान दर्ज कराने की बात लिखी है. अखिलेश ने खुद माना कि उन्होंने सीबीआई को जवाब भेजा था.

सीबीआई को भेजे पत्र में अखिलेश ने कहा

आपको बता दें कि सीबीआई ने गवाह के तौर पर अखिलेश यादव को लखनऊ आकर पूछताछ करने के लिए बुलाया है. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए भाषण रिकॉर्ड करना मुश्किल माना जा रहा है. ख़बरों कि मानें तो 15 दिन बाद सीबीआई अखिलेश को दोबारा नोटिस जारी कर तलब कर सकती है.
Akhilesh Yadav CBI Summon Illegal Mining latest news - Akhilesh Yadav सीबीआई के सामने नहीं होंगे पेश, लखनऊ में पूछताछ करने के लिए कहा | Jansatta साथ ही यदि वो दिल्ली जाकर जांच एजेंसी को अपना बयान नहीं सौंपते हैं तो जांच अधिकारी लखनऊ आकर उनका बयान दर्ज कर सकती हैं, और यदि सीबीआई को अपने बयान में नए तथ्य मिले तो मामले की जांच में नया मोड़ आ सकता है. दरअसल अखिलेश से खनिज हिस्सेदारी आवंटन को लेकर पंचम तल पर लिए गए फैसलों के बारे में पूछताछ की जाएगी.

लखनऊ में जांच टीम द्वारा पूछताछ

आपको बता दें कि सीबीआई ने गवाह के तौर पर अखिलेश यादव को लखनऊ आकर पूछताछ करने के लिए बुलाया है. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए भाषण रिकॉर्ड करना मुश्किल माना जा रहा है. ख़बरों कि तो 15 दिन बाद सीबीआई अखिलेश को दोबारा नोटिस जारी कर तलब कर सकती है. Akhilesh Yadav criptic reply to CBI summon in illeagal mining scam case SP Chief attacks BJP | अखिलेश ने CBI को लखनऊ बुलाया, अवैध खनन केस में जांच एजेंसी और बीजेपी कीसाथ ही यदि वो दिल्ली जाकर जांच एजेंसी को अपना बयान नहीं सौंपते हैं तो जांच अधिकारी लखनऊ आकर उनका बयान दर्ज कर सकती हैं, और यदि सीबीआई को अपने बयान में नए तथ्य मिले तो मामले की जांच में नया मोड़ आ सकता है. दरअसल अखिलेश से खनिज हिस्सेदारी आवंटन को लेकर पंचम तल पर लिए गए फैसलों के बारे में पूछताछ की जाएगी.

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