मणिपुर हिंसा: SC ने सरकार से इन 6 बिंदुओं पर मांगे जवाब, DGP को पेश होने का आदेश

नई दिल्ली: मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है जहां मंगलवार को भी शीर्ष अदालत में ये सुनवाई जारी रही. CJI ने इस दौरान हाई कोर्ट के पूर्व जजों को कमिटी बनाने की बात कही है. शीर्ष अदालत जल्द ही हिंसा में हुए नुकसान, मुआवजे, पीड़ितों के 162 और 164 के बयान दर्ज करने की तारीखों ब्योरा लेगी. . चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने सुनवाई के दौरान कहा है कि वह ये भी देखेंगे कि कौन-कौन से मुकदमे और FIR जांच के लिए CBI को सौंपी जाए.

 

क्या होगा कमेटी का काम?

सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा है कि इस कमेटी का दायरा सुप्रीम कोर्ट तय करेगा जो मणिपुर जाकर राहत और पुनर्वास का जायजा लेगी. क्योंकि 6500 FIR की जांच CBI को सौपना संभव नहीं है और अगर राज्य पुलिस को इसका जिम्मा नहीं सौपा जा सकता है. इस पर विचार करने की जरूरत है. CJI ने आगे कहा कि मणिपुर में जान गवाने वाले सभी हमारे अपने थे जहां अभी भी कई शव मोर्चरी में है जिनका कोई दावेदार नहीं है. इन सभी दलीलों और तथ्यों के बीच सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर मामले में अगली सुनवाई के लिए 7 अगस्त का दिन तय किया गया है. अगली सुनाई में सुप्रीम कोर्ट ने DGP को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं.

CBI करेगी मणिपुर मामले में जांच?

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मणिपुर मामले की सुनवाई के दौरान कई तथ्यों पर विचार किया। साथ ही शीर्ष अदालत के सामने कई सवाल भी रखे गए. सुनवाई के दौरान CJI ने कहा , ‘हमें सीबीआई से जानना होगा कि सीबीआई के बुनियादी ढांचे की सीमा क्या है, साथ ही क्या वह ये जांच कर सकती है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर पुलिस महानिदेशक को तलब किया है जिनसे शीर्ष अदालत सीधे सवाल पूछेगी. इन सवालों में से 6 बिंदु कोर्ट ने अपनी ओर से बताए हैं जो निम्न हैं-

1. घटना की तारीख
2. जीरो एफआईआर दर्ज करने की तारीख
3. नियमित एफआईआर दर्ज करने की तारीख
4. वह तारीख जिस दिन गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं
5. किस दिन crpc की धारा 164 के तहत कोर्ट के सामने बयान दर्ज किये गये
6. गिरफ़्तारी की तारीख

 

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