June 23, 2024
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लाल डायरी नहीं जलाता तो गहलोत जेल में होते.. मार्शल आउट होने पर रोने लगे राजेंद्र गुढ़ा

  • WRITTEN BY: Riya Kumari
  • LAST UPDATED : July 24, 2023, 2:22 pm IST

नई दिल्ली: इस समय राजेंद्र गुढ़ा राजस्थान की राजनीति में चर्चा केंद्र बने हुए हैं जहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा है. अशोक गहलोत की कैबिनेट में मंत्री पद से हटाए जाने के बाद कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा को राजस्थान विधानसभा में प्रवेश करने से रोका गया.

पूर्व मंत्री ने मीडिया से इस दौरान बातचीत की जिस बीच वह फूट-फूटकर रोने लगे. इतना ही नहीं राजेंद्र गुढ़ा ने आरोप लगाया है कि इस दौरान 50 लोगों ने उनपर हमला भी किया और उनपर लात मुक्के बरसाए.

अपनी सरकार के खिलाफ उठाए सवाल

गुढ़ा ने मीडिया को बताया कि ‘मुझे कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा से बाहर खींच लिया। मुझे राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष ने बोलने की अनुमति भी नहीं दी और मेरे खिलाफ आरोप लगाए कि मैं भाजपा के साथ हूं। मैं बस इतना जानना चाहता हूं कि मेरी गलती क्या है?’ गौरतलब है कि सोमवार को राजेंद्र गुढ़ा ने कहा था कि उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना है. उन्होंने आगे ये भी कहा कि वह आज विधानसभा में लाल डायरी के बारे में खुलासा करेंगे. बता दें, विधानसभा में कानून व्यवस्था की स्थिति और महिला सुरक्षा पर गुढ़ा को राज्य सरकार को घेरने के कुछ समय बाद ही 21 जुलाई के दिन बर्खास्त कर दिया गया था.

बर्खास्त होने के बाद क्या बोले गुढ़ा?

सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजेंद्र गुढ़ा ने पत्रकारों से कहा, ‘मैंने संघर्ष का रास्ता चुना है, माफी का नहीं। मुझे किस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए? मैंने महिला सुरक्षा के लिए आवाज उठाई है। मैं अब स्वतंत्र हूं। यह सच है और इसे स्वीकार करना चाहिए कि राजस्थान सरकर महिला सुरक्षा में विफल रही। मणिपुर के बजाय हमें अपने अंदर झांकना चाहिए कि राजस्थान में महिलाओं पर अत्याचार क्यों बढ़े हैं?’

 

गुढ़ा को जानें

राजेंद्र गुढ़ा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं जिन्होंने सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है. उन्होंने बीते शुक्रवार को अपनी ही सरकार को घेरा था जिसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सिफारिश पर उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था. इस एक घटनाक्रम ने राजस्थान की सियासत में उबाल ला दिया है जहां अब राजेंद्र गुढ़ा को भी मीडिया के सामने रोता हुआ देखा गया.

 

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