Excise Policy Scam: दिल्ली शराब घोटाले मे गिरफ्तार मनीष सिसोदिया ने SC में दाखिल की पुनर्विचार याचिका

नई दिल्ली: शराब घोटाले (Excise Policy Scam) में गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. सिसोदिया ने अपने जमानत के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। बता दें कि 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था कि अगर निचली अदालत में चल रहे ट्रायल मे देरी होती है तो सिसोदिया तीन महीने बाद जमानत याचिका दाखिल कर सकते है.

जानकारी हो कि शराब घोटाले (Excise Policy Scam) से संबंधित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सिसोदिया पर मुकदमा चलाया जा रहा है.

सिसोदिया कैसे फंसे इस शराब घोटाला में ?

सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. ये तीन आरोपी पूर्व सरकारी अधिकारी एजी कृष्णा (पूर्व एक्साइज कमिश्नर), आनंद तिवारी (पूर्व डिप्टी एक्साइज कमिश्नर) और पंकज भटनागर (पूर्व असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर) हैं।

इसमें अमित अरोड़ा (बडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक), दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे को भी आरोपी बनाया गया है. ये तीनों ही सिसौदिया के करीबी माने जाते हैं। आरोप है कि तीनों ने आरोपी सरकारी अधिकारियों की मदद से शराब कारोबारियों से पैसे वसूले और उसे कहीं और भेजा. बाद में दिनेश अरोड़ा सरकारी गवाह बन गये.

मनीष सिसौदिया के अधीन आबकारी विभाग था, इसलिए उन्हें दिल्ली के इस कथित शराब घोटाले में मुख्य आरोपी बनाया गया. सीबीआई ने आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री के तौर पर सिसौदिया ने ‘मनमाने’ और ‘एकतरफा’ फैसले लिए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब व्यापारियों को फायदा हुआ.

17 अगस्त को दर्ज हुआ केस

17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने केस दर्ज किया और दो दिन बाद 19 तारीख को मनीष सिसौदिया के घर और दफ्तर समेत सात राज्यों में 31 ठिकानों पर छापेमारी की. 30 तारीख को सीबीआई ने सिसौदिया के बैंक लॉकर की भी तलाशी ली. सिसौदिया ने दावा किया कि सीबीआई को कुछ नहीं मिला.

सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, मनीष सिसौदिया के कथित करीबी अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्र से 2 से 4 करोड़ रुपये लिए थे. यह रकम विजय नायर ने ली थी। विजय नायर कुछ वर्षों तक आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी भी रहे हैं।

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इसी साल 14 जनवरी को सीबीआई ने दिल्ली सचिवालय स्थित सिसौदिया के दफ्तर की तलाशी ली थी। 26 फरवरी को सीबीआई ने मनीष सिसौदिया को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 9 मार्च को ईडी ने सिसौदिया को भी गिरफ्तार कर लिया.

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