March 1, 2024
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कारगिल विजय दिवस के मौके पर लद्दाख में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दहाड़, पाक बौखलाया

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के मौक़े पर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत अपना सम्मान और प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए नियंत्रण रेखा (LoC) पार करने में जरा सा भी संकोच नहीं करेगा इस सीमा को पार करने के लिए भारतीय सेना हर वक़्त तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युद्ध भड़काने वाली बातें क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
लद्दाख के द्रास में बुधवार 26 जुलाई को 24वें कारगिल विजय दिवस के मौके पर भारतीय शहीदों को याद करते हुए राजनाथ सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश की एकता, अखंडता और सम्प्रभुता से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

किसी भी वक्त LOC पार कर सकता है भारत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम देश के सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए कुछ भी कर सकते हैं और समय आने पर हम यानी भारतीय सेना LOC पार करने के लिए हर समय तैयार है. इशारों ही इशारों में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमें उकसाया गया तो हम बिना कुछ सोचे नियंत्रण रेखा पार कर जाएंगे उन्होंने और कहा कि कारगिल युद्ध भारत पर थोपा गया था न की भारत अपनी मर्जी से लड़ा था पाकिस्तान ने ही हमारी पीठ पर धोखे से वार किया था। भारतीय सेना को देश के दुश्मनों को नष्ट करने और मिट्टी में मिलाने के लिए खुली आज़ादी दी गई है।

पाक के विदेश कार्यालय ने दी प्रतिक्रिया

मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान किसी भी आक्रामकता से रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं और भारत को अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए खासकर इस तरह के बयानों से बचना चाहिए जिससे शांति और स्थिरता पर ख़तरा आए। पाक विदेश कार्यालय ने कहा कि भारत की तरफ से ये कोई पहली बार नहीं है बल्कि लगातार भारत के नेता और सैन्य अधिकारियों ने कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर इसी तरह के बयान देते रहते हैं।

अनुच्छेद 370 और भारत VS पाकिस्तान

भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का मुद्दा भी आज का नहीं हैं। इन दोनों देशों के बीच कश्मीर और सीमा पर आतंकवाद को लेकर शुरुआत से ही तनाव बना हुआ है और इसी के बीच 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने 370 को निरस्त किया था इसी के साथ ही जम्मू -कश्मीर का विशेष दर्ज़ा भी समाप्त हो गया जिसके बाद दोनों देशो के आपस में और भी ज़्यादा सम्बन्ध ख़राब हो गए। जबकि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है।

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