May 19, 2024
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Twitter के संस्थापक जैक डोर्सी ने भारत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, सरकार ने दिया जवाब

  • WRITTEN BY: Vikas Rana
  • LAST UPDATED : June 13, 2023, 10:14 am IST

नई दिल्ली। ट्विटर (Twitter) के सह-संस्थापक और पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने भारत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने भारत सरकार पर किसान आंदोलन के दौरान सरकार की आलोचना करने वाले ट्विटर खातों को बैन करने का दबाव डालने का आरोप लगाया है।

डॉर्क जर्सी ने क्या कहा

इंटरव्यू में जैक डोर्सी से सवाल किया गया कि क्या विदेशी सरकारों से उन्हें किसी तरह का दबाव का सामना करना पड़ा था जिसके चलते ट्विटर (Twitter) के बोर्ड मेंबर पद से आपने इस्तीफा दे दिया था। तो उन्होंने जवाब दिया कि भारत उन देशों में से एक है, जब उनके पास किसान आंदोलन के दौरान कई अनुरोध आए थे, इस दौरान यह धमकी भी दी गई कि अगर सरकार की आलोचना करने वाले ट्विटर (Twitter) खातों को बैन नहीं किया गया तो वे भारत में ट्विटर को बंद कर देंगे।

इसके अलावा भारत सरकार ने हमारे कर्मचारियों के घरों पर छापा मारने और नियमों का पालन नहीं करने पर कार्यालय बंद करने की धमकी भी दी थी। डार्सी ने आगे कहां कि तुर्की ने भी भारत की तरह ही व्यवहार किया था। उन्होंने कहा कि तुर्की सरकार ने भी ट्विटर (Twitter) को बंद करने की धमकी दी थी। डॉर्सी के बयान के बाद भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट किया कि, लोकतंत्र की जननी- अनफिल्टर्ड।

भारत सरकार ने दिया जवाब

भारत सरकार ने जैक डोर्सी के इन सभी दावों को खारिज किया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक और तकनीक राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्विटर (Twitter) पर जारी एक बयान में कहा है कि, ये ट्विटर के इतिहास के एक संदिग्ध दौर को साफ करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि जैक डोर्सी के नेतृत्व में ट्विटर और उनकी टीम लगातार भारतीय नियमों का उल्लंघन कर रही थी। असली बात ये है कि साल 2020 से लेकर 2022 के बीच ट्विटर ने लगातार भारत के कानूनों का पालन नही किया था। इसके बाद जून 2022 में ट्विटर नियमों का पालन करने लग गया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, ट्विटर ने 2020 से 2022 तक ऐसा व्यवहार किया जैसे भारत के कानून उस पर लागू ही नहीं होते हैं। भारत एक सार्वभौमिक राष्ट्र है और उसे अधिकार है कि ये सुनिश्चित करे कि भारत में काम कर रही सभी कंपनियां भारतीय कानूनों का पालन करें।

किसान आंदोलन को लेकर क्या कहा ?

वहीं किसान आंदोलन के समय का हवाला देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि, जनवरी 2021 के प्रदर्शनों के दौरान, बहुत सी भ्रामक जानकारियां थी और यहां तक की नरसंहार तक की रिपोर्ट आ रही थी जो बिल्कुल फर्जी थी। भारत सरकार प्लेटफार्म से ऐसी जानकारियां हटवाने के लिए बाध्य थी क्योंकि ऐसी फर्जी खबरें हालात को और गंभीर बना सकती थी।

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