Bihar Floor Test: फ्लोर टेस्ट में पास हुई नीतीश सरकार, पक्ष में पड़े 129 वोट

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा में आज यानी सोमवार को नीतीश सरकार ने फ्लोर टेस्ट (Bihar Floor Test) को पास कर लिया है। इस दौरान, वोटिंग से पहले ही विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया था। ऐसे में सत्ता पक्ष की मांग पर वोटिंग करवाई गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विश्वास मत पहले ध्वनि मत से और बाद में वोट के जरिए 129 विधायकों के समर्थन से पास हो गया है, जबकि विपक्ष में 0 वोट पड़े।

कोई विधायक गायब, तो किसी ने खेमा बदला

बता दें कि पार्टियों के हिसाब से सरकार को 128 विधायकों का समर्थन था लेकिन 129 वोट पड़े। वहीं फ्लोर टेस्ट (Bihar Floor Test) से पहले से पटना में सियासी हलचल जारी रही। इस दौरान जमकर ड्रामा भी देखन को मिला, जहां आरजेडी के तीन विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रहलाद यादव ने खेमा बदल लिया और सत्‍ता पक्ष की तरफ जाकर बैठ गए। इस पर तेजस्‍वी यादव ने जमकर विरोध किया और परंपरा के अनुसार उन्‍हें अपनी सीट पर ही बैठने की बात कही। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के तीन विधायक भी सदन में नहीं पहुंचे, तो जेडीयू के तीन एमएलए भी विधानसभा में उपस्थित नहीं रहे। हालांकि दोपहर ढ़ाई बजे तक सभी विधायक सदन में पहुंंच गए, केवल जेडीयू के विधायक दिलीप राय नहीं पहुंचे।

इससे पूर्व महत्वपूर्ण बात ये रही कि आरजेडी के स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान सरकार के साथ 125 विधायक ही खड़े हुए थे। जबकि, सरकार के फ्लोर टेस्ट (Bihar Floor Test)पर वोटिंग तक यह संख्या बढ़कर 129 हो गई। वहीं स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर वोटिंग में 125 विधायकों ने सरकार के समर्थन में वोट किया जबकि विपक्ष के साथ 112 विधायक ही रहे। स्पीकर को हटाने में सरकार के साथ 125 विधायकों के खड़े होने से ही ये साफ हो गया था कि नीतीश के पास बहुमत है और सरकार के विश्वास मत पर बहस के बाद मत विभाजन एक औपचारिकता मात्र है।

महेश्वर हजारी ने किया संचालन

इस दौरान, अवध चौधरी ने विधानसभा के संचालन की शुरुआत की और अपने खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस की जानकारी देने के बाद संचालन का काम उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी को सौंप दिया था। जहां बहस के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने नीतीश कुमार पर तीखे हमले किए जबकि जवाब में विजय चौधरी, विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी ने नीतीश से पहले आरजेडी के दौर की याद दिलाई।

इसके अलावा राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी जमकर नारेबाजी हुई। राज्‍यपाल ने कहा कि जल जीवन हरियाली में मिशन मोड में काम किया चल रहा है। साथ ही गया, बोध गया, राजगीर, नवादा में शुद्ध पेय जल की आपूर्ति की जा रही है। अब मैट्रिक में लड़कियों की संख्या लड़कों के बराबर पहुंच चुकी है। इसके अलावा बिहार शिक्षक बहाली से शिक्षक छात्र का अनुपात राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है।

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