अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर बोली AAP, कानून व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं

चंडीगढ़। खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने पंजाब पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। बता दें, पूरे 36 दिन बाद खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल ने पंजाब की मोगा पुलिस के सामने आज सरेंडर किया है। अमृतपाल सिंह को मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार किया गया है। रोडे गांव का खालिस्तानी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले से भी संबंध बताया जाता है। ये भिंडरावाले का पैतृक गांव है। अमृतपाल पिछले एक महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह इस दौरान भेष बदलकर खुद को पुलिस की नजरों से बचा रहा था। इस बीच AAP के नेता संजय सिंह ने वीडियो जारी कर पंजाब की आप सरकार की तारीफ करते हुए, पंजाब पुलिस को शुभकामनाएं दी है।

AAP ने क्या कहा ?

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी ने ये साबित कर दिया है कि पंजाब की आप सरकार कानून व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं करेगी। हमने दिखा दिया कि ज़रूरत पड़ने पर लोगों के लिए हम सख्त से सख्त कदम उठाने की भी हिम्मत रखते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले एक महीनें में अमृतपाल के कई साथियों की गिरफ्तारी हुई, उसके ठिकानों में छापेमारी की गई। जिसके बाद अमृतपाल के पास सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा हुआ था, और अंत में उसे सरेंडर करना पड़ा। इस कार्रवाई के लिए हम पंजाब पुलिस को शुभकामनाएं देना चाहते है।

पंजाब पुलिस ने पूरी निष्ठा के साथ अपना काम किया है, इसके अलावा अधिकारियों ने काफी सूझबूझ का परिचय दिया हैं। अमृतपाल की गिरफ्तारी के दौरान कहीं पर एक कंकड़ नहीं चला मान जी की सरकार ने काफी परिपक्वता के साथ काम किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पंजाब के अमन चैन में किसी तरह की दिक्कत नहीं आई। इस दौरान पंजाब में किसी तरह की हिंसा देखने को नहीं मिली। ये साबित करता है कि जरूरत पड़ने पर पंजाब की आप सरकार जरूरी कार्रवाई करेगी और इस दौरान पंजाब की जनता का अमन-चैन और शांति भंग नहीं होने देगी।

अमृतपाल को लेकर पंजाब पुलिस डिब्रगूढ़ जेल हुई रवाना

बता दें, अमृतपाल के समर्पण करने के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच बठिंडा एयरबेस से डिब्रगूढ़ जेल ले जाया जा रहा है। बताया जा रहा है, डिब्रगूढ़ जेल में पंजाब पुलिस के अलावा IB और NIA अमृतपाल से पूछताछ कर सकती है। बता दें, पंजाब पुलिस ने पहले ही अमृतपाल सिंह के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा चुकी है।

इसके अलावा पहले ही अमृतपाल सिंह के कई सहयोगियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अमृतपाल सिंह पंजाब पुलिस समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को करीब एक महीने से चकमा दे रहा था। वो केवल सीसीटीवी फुटेज में नजर आ रहा था। कई प्रदेशों में सर्च अभियान होने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई थी।

18 मार्च को हुआ था फरार

अमृतपाल सिंह के खिलाफ सबसे पहले कार्रवाई 18 मार्च को मोगा के सीमावर्ती इलाके कमालके पर हुई थी। जहां से वह फरार हो गया था। जिसके बाद वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। अमृतपाल को ढूंढने में पंजाब पुलिस के 80 हजार जवानों के अलावा तमाम अधिकारी, काउंटर इंटेलिजेंस और खुफिया एजेंसी के अधिकारी बुरी तरह से विफल हुई। उसकी तलाश नौ से ज्यादा राज्यों में की गई।

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