नई दिल्ली: भारत में एक तरफ कोरोना तेजी से बढ़ रहा है वहीं सरकार सिलसिलेवार तरीके से लॉकडाउन खोलती जा रही है जिसपर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जाहिर की है. डब्ल्यूएचओ के अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा है कि तेजी से बढ़ रहे कोरोना के बीच लॉकडाउन को इतनी जल्दी खोला गया तो ये बड़ी तबाही का कारण बनेगा. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम गब्रेयसस ने सोमवार को जोर देकर कहा कि जो देश लॉकडाउन खोलने के प्रति गंभीर है उन्हें संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए भी गंभीरता से सोचना बहुत जरूरी है. उन्होंने ये भी कहा कि एक बार कोरोना नियंत्रण से बाहर हो गया तो इसे संतुलित करना असंभव हो जाएगा.

टेड्रोस ने लोगों को चार बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया जिनमें बड़े आयोजनों से बचने, सबसे असुरक्षित लोगों की अतिरिक्त सुरक्षा, स्वयं की सुरक्षा और संक्रमितों का पता लगाने और उनके संपर्क में आए लोगों को आइसोलेट करने के लिए उनका पता लगाने, संक्रमित पाए जाने पर उचित देखभाल करने की सलाह दी है. टेड्रोस अधनोम गब्रेयसस ने कहा कि नए सर्वे में पता चला है कि 90 प्रतिशत देशों में कोविड-19 की वजह से अन्य स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं. गौरतलब है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों की स्वास्थ्य सेवाओं पर कोविड-19 के असर का आकलन करने के लिए WHO ने 105 देशों में यह सर्वेक्षण किया जिसके बाद उनका ये ऑब्जर्वेशन निकलकर सामने आया है.

टेड्रोस ने कहा कि मार्च और जून में पांच क्षेत्रों में कराए गए सर्वेक्षण में खुलासा हुआ कि कोरोना महामारी की तरह स्वास्थ्य आपदा से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की जरूरत है. टेड्रोस ने ये भी कहा कि सर्वेक्षण से पता चला कि 70 प्रतिशत देशों में नियमित टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. उन्होंने ये भी कहा कि करीब एक चौथाई देशों ने माना है कि महामारी की वजह से आपात चिकित्सा सेवा प्रभावित हुई है.

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