Monday, June 27, 2022

कोरोना से संक्रमित हुए व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल सलाहकार एंथोनी फाउसी, आइसोलेशन में रहेंगे

नई दिल्ली। अमेरिकी व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ. एंथोनी फाउसी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए है. डॉ. एंथोनी फाउसी कोरोना संक्रमण से संक्रमित हो गए हैं. वो इस समय कोरोना के हल्के लक्षण महसूस कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि एंथोनी फाउसी ठीक होने तक आइसोलेशन में रहेंगे. जानकारी के मुताबिक मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ एंथोनी फाउसी हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और दूसरे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के संपर्क में नहीं रहे हैं. फाउसी दो साल से अधिक समय तक महामारी से संक्रमित होने से बचने में कामयाब रहे थे लेकिन अब दुबारा कोरोना वायरस ने उन्हें अपने चपेट में ले लिया है.

डॉ. एंथोनी फाउसी कोरोना दिशा-निर्देशों और अपने डॉक्टर की दी गई सलाह को मान रहे हैं. अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने बताया कि है शीर्ष वैज्ञानिक एंथोनी फाउसी ने तेजी से एंटीजन टेस्ट पर वायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया लेकिन घर से काम करना जारी रखा हुआ है.

बूस्टर ले चुके हैं फाउसी

बता दें कि दुनिया के दूसरे देशों की तरह अमेरिका भी कोरोना से जंग लड़ रहा है. कोरोना से संक्रमित 81 वर्षीय वैज्ञानिक एंथोनी फाउसी को पूरी तरह से टीका और डबल बूस्टेड डोज लगाया जा चुका हैं. जानकारी के मुताबिक हाल ही में राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ वो निकट संपर्क में नहीं रहे थे. फाउसी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के दिशा-निर्देशों और अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करेंगे और फिर निगेटिव रिपोर्ट आने पर वापस काम पर लौटेंगे.

संक्रमण में तेजी किस बात के संकेत?

पिछले वर्ष के अंत में ओमिक्रोन वैरिएंट के प्रभावी होने के बाद से कोरोना संक्रमण के केसों में फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथोनी फाउसी ने इस बात के संकेत दिए थे कि अमेरिका में कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के साथ जंग के लिए चौथी खुराक देने की जरूरत पड़ सकती है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि बूस्टर शॉट आयु पर आधारित हो सकता है.

कई महामारी में अमेरिका का किया नेतृत्व

दरअसल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के लंबे समय के निदेशक के रूप में एंथोनी फाउसी ने 1984 के बाद से हर महामारी के लिए अमेरिका की प्रतिक्रिया का नेतृत्व किया है. एचआईवी-एड्स के खिलाफ शुरुआती लड़ाई के दौरान उनके नेतृत्व के लिए काफी प्रशंसा मिली थी. जब कोरोना पहली बार चीन से विश्व स्तर पर फैला तो डॉ. एंथोनी इस महामारी से चिंतित जनता के लिए विश्वसनीय जानकारी का अहम स्रोत बन गए थे.

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