नई दिल्ली. विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने डोपिंग को लेकर रूस (रसिया) पर सबसे बड़ी कार्रवाई की है. वाडा ने सबसे रूस पर चार साल का बैन लगा दिया है इसके चलते रूस का कोई भी खिलाड़ी अब किसी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएगा. इस बैन के बाद टोक्यो 2020 ओलंपिक और फुटबॉल के 2022 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में आपको रूस का झंड़ा नजर नहीं आएगा. वाडा की कार्यकारी समिति ने स्विट्जरलैंड के लुसाने में एक बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है. वाडा के इस फैसले के बाद रूस का कोई भी खिलाड़ी अब नहीं खेल पाएगा.

हालांकि अगर कोई खिलाड़ी ये साबित करता है कि वह डोपिंग में नहीं है तो वह अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सकता है. वाडा के एक प्रवक्ता ने कहा इस फैसले की पूरी सूची को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है. जबकि रूस के पास और समय है और वह फिर से खुद को एक स्पोर्ट्स पावरहाउस के रूप में दिखा सके. यह साल 2015 से विवादों में उलझा हुआ है जब वाडा द्वारा कमीशन की गई एक रिपोर्ट में रूसी एथलेटिक्स में बड़े पैमाने पर डोपिंग के सबूत मिले.

रूस में डोपिंग का कहर तब से बढ़ रहा है, जब पिछले दो ओलंपिक से कई एथलीटों को दरकिनार कर दिया गया था. वाडा का कहना है कि रूस के पास प्रतिबंध के खिलाफ अपील करने के लिए 21 दिन का समय है. यदि ऐसा होता है, तो अपील को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में भेजा जाएगा.

वहीं अन्तरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाक ने भी पिछले सप्ताह प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कह दिया था कि आईओसी ने ओलंपिक चार्टर में विश्व डोपिंग रोधी संहिता को स्वीकार कर लिया है और यदि कोई फैसला जारी किया जा रहा है तो यह अनिवार्य है.

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