Sunday, June 26, 2022

दुनिया के अरबपतियों की कुल संपत्ति अब वैश्विक जीडीपी के 13.9 प्रतिशत के बराबर, कोरोनाकाल बना वरदान

नई दिल्ली। विश्व आर्थिक मंच की 2022 की वार्षिक बैठक के लिए दावोस (स्विटजरलैंड) में दुनिया भर से अमीर और शक्तिशाली लोग एकत्रित हो रहे हैं। ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने सोमवार को कहा कि COVID-19 महामारी के दौरान हर 30 घंटे में एक नया अरबपति उभरा, जबकि हर 33 घंटे में लगभग दस लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे चले गए।

रिपोर्ट में कही से बात

दावोस में ‘प्रोफिटंग फ्राम पेन’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी करते हुए अधिकार समूह ने आगे कहा कि आवश्यक वस्तुओं की लागत पिछले दशकों की तुलना में तेजी से बढ़ी है। खाद्य और ऊर्जा क्षेत्रों में अरबपति हर दो दिन में खुद को एक अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ा रहे हैं। WEF (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) खुद को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के रूप में प्रस्तुत करता है और दो साल बाद दावोस में अपनी वार्षिक बैठक की मेजबानी कर रहा है।

इसलिए दावोस पहुंच रहे हैं लोग

ऑक्सफैम इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक गैब्रिएला बुचर ने कहा कि अरबपति COVID के समय में व्यापार में अविश्वसनीय उछाल का जश्न मनाने के लिए दावोस पहुंच रहे हैं। महामारी ने भोजन और ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है, जो कुछ धनी लोगों के लिए वरदान साबित हुआ है। हालांकि कोविड के कारण लाखों लोग गरीबी का सामना कर रहे हैं। ऐसे लाखों लोग हैं जो इस मुद्रास्फीति का सामना करते हुए बस जीवित रहने की कोशिश कर रहे हैं।

हर 30 घंटे में बन रहा नया अरबपति

रिपोर्ट से पता चला है हर 30 घंटे में एक नया अरबपति बना है। वहीं ऑक्सफैम इंटरनेशनल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल हर 33 घंटे में एक मिलियन (1 मिलियन) लोगों की दर से 263 मिलियन और लोग गरीबी रेखा से नीचे चले जाएंगे।

ऐसे हुई अमीरों की संपत्ति में इजाफा

COVID-19 के पहले 24 महीनों में अरबपतियों की संपत्ति पिछले 23 वर्षों की तुलना में अधिक बढ़ी है। दुनिया के अरबपतियों की कुल संपत्ति अब वैश्विक जीडीपी के 13.9 प्रतिशत के बराबर है।

यह पढ़े-

क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम, जिसमें उलझ गए लालू, इन मामलों में पहले ही लटक रही है तलवार

SHARE

Latest news

Related news