काबुलः अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी गुटों में से एक हक्कानी आतंकवादी संगठन के लीडर जलालुद्दीन हक्कानी की मौत हो गई. आतंक का दूसरा नाम कहे जाने वाले मुल्ला उमर के बाद दूसरे नंबर पर आता था. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हक्कानी नेटवर्क के संस्थापक की मौत की घोषणा की. आपको बता दें कि हक्कानी नेटवर्क की स्थापना मूर रूप से सोवियत संघ के खिलाफ जिहाद के लिए की गई थी. जलालुद्दीन तालिबान सरकार में मंत्री भी रह चुका है.

एसआईटीआआई ने अफगान तालिबान के बयान के हवाले से कहा कि उसने अल्लाह के धर्म के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना किया. साथ ही अपने जीवन के आखिरी सालों के दौरान लंबी बीमारी का भी सामना किया. आतंकी जलालुद्दीन को अफगानिस्तान में दफनाया गयाहै. ऐसा माना जाता है कि मुल्ला उमर की मौत के बाद तालिबान के एकजुट रखने में हक्कानी की महत्वपूर्ण भूमिका थी. हक्कानी की मौत का ऐलान अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने किया.

आपको बता दें कि हक्कानी की स्थापना मूल रूप से सोवियत संघ के खिलाफ जिहाद के लिए की गई थी. हालांकि जलालुद्दीन बाद में तालिबान सरकार में मंत्री भी रहा. 1996 में काबुल पर कब्जा करने के बाद हक्कानी तालिबान सरकार में आदिवासी मामलों का मंंत्री था. लेकिन जब साल 2001 में यह सरकार चली गई को जलालुद्दीन हक्कानी भाग गया और उसने आतंक का रास्ता अपना दोबारा हथियार उठा लिए. 

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