लाहौर/नई दिल्लीः 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज सईद की रिहाई पर भारत और अमेरिका ने कड़ी आपत्ति जताई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे दबाव के बाद अब पाकिस्तान एक बार फिर हाफिज सईद को किसी दूसरे मामले में हिरासत में लेने पर विचार कर रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान सरकार हाफिज की रिहाई को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका भी दायर कर सकती है. बताते चलें कि पाकिस्तान के पंजाब न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने वैश्विक आतंकी घोषित किए जा चुके हाफिज सईद को बुधवार को हाउस अरेस्ट से रिहा करने के आदेश दिए थे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि हाफिज सईद की रिहाई से साफ जाहिर होता है कि पाकिस्तान आतंकियों के प्रति क्या रवैया रखता है. आतंक फैलाने के दोषियों को सजा दिलाने के बजाय पाकिस्तान उन्हें सुरक्षा दे रहा है. पाकिस्तान प्रतिबंधित आतंकवादियों को मुख्यधारा में लाना चाहता है. आतंक के प्रति सख्त रवैये की बात करना और फिर अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित किए जा चुके हाफिज सईद की नजरबंदी को खत्म करना भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के बराबर है.

सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान सरकार हाफिज को किसी दूसरे केस में हिरासत में ले सकती है. पाकिस्तान को इस बात का डर सता रहा है कि सईद के रिहा होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उस पर कई प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. गौरतलब है कि बुधवार को मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को न्यायिक समीक्षा बोर्ड ने पर्याप्त सबूत न होने का हवाला देकर नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया था. हाफिज सईद की रिहाई के बाद जमात-उद-दावा से जुड़े कई नेताओं ने उससे मुलाकात की. अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी हाफिज सईद पर 1 करोड़ डॉलर (करीब 65 करोड़ रुपये) का इनाम रखा है.

आतंक के आका हाफिज सईद की रिहाई पर गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि हाफिज की रिहाई बेहद दुखद बात है. पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ने के बाद हाफिज सईद को कभी नजरबंद करता है तो कभी गिरफ्तार करने की बात कहता है. अहीर ने कहा कि आतंकवादी संगठन के सरगना सईद की असली जगह जेल में है.

 

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