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‘खाना न चुराएं…’, विदेशों में जाकर होटल का खाना चूरा रहे हैं भारत के अमीर लोग? स्विट्जरलैंड के होटल में भारतीयों की घनघोर बेइज्जती

Swiss Hotel Rules for Indian: उद्योगपति Harsh Goenka ने भारतीयों के सार्वजनिक व्यवहार और सिविक सेंस पर चिंता जताते हुए स्विट्जरलैंड के Hotel Arc-en-ciel का एक पुराना अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि होटल में भारतीय मेहमानों के लिए अलग से नियम लगाए गए थे, जिनमें बुफे से खाना न ले जाने, शोर-शराबा न करने और निर्धारित कटलरी इस्तेमाल करने जैसी बातें शामिल थीं.

By: Divyanshi Singh | Published: June 2, 2026 4:51:15 PM IST



Swiss Hotel Rules: जाने-माने इंडस्ट्रियलिस्ट हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने स्विट्जरलैंड के एक होटल का ज़िक्र किया. उन्होंने बताया कि होटल ने एक बार इंडियन गेस्ट के लिए खास नियमों की एक लिस्ट पोस्ट की थी. वह लिस्ट देखकर हैरान रह गए. इसमें खास तौर पर इंडियन गेस्ट के लिए नियम शामिल थे, जैसे: “बुफे से खाना न चुराएं,” “होटल की बालकनी या कॉरिडोर में ज़ोर से न चिल्लाएं,” वगैरह.

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में हर्ष गोयनका ने कहा कि वह उस समय हैरान रह गए थे जब उन्होंने Hotel Arc-en-ciel में भारतीय मेहमानों के लिए जारी किए गए निर्देश देखे. होटल की ओर से भारतीयों से कहा गया था कि वे नाश्ते के बुफे से खाना पैक करके न ले जाएं, दिए गए कटलरी का ही इस्तेमाल करें और गलियारों व बालकनी में शोर-शराबा न करें. होटल ने यह भी स्पष्ट किया था कि बुफे का खाना केवल नाश्ते के लिए है और लंच पैक अलग से खरीदे जा सकते हैं.

गोयनका की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर भारतीयों के एयरपोर्ट, रेस्तरां और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर गरबा करने या तेज आवाज में बातचीत करने के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि आजकल रेस्तरां में गरबा करने एयरपोर्ट पर जोर-जोर से बात करने और विमान के केबिन को पिकनिक स्पॉट में बदल देने जैसे वीडियो लगातार सामने आते रहते हैं.

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उन्होंने आगे दावा किया कि दावोस में भी एक भारतीय कारोबारी ने क्लब में इतनी तेज पंजाबी संगीत बजाया कि पूरे शहर तक उसकी आवाज पहुंच रही थी और इसे वह “सॉफ्ट पावर” बता रहा था, जबकि इससे कई लोग परेशान हो रहे थे.

भारत की वैश्विक छवि की तुलना जापान से करते हुए गोयनका ने लिखा, “जापान ने अपनी विनम्रता और उत्कृष्ट नागरिक शिष्टाचार के दम पर दुनिया भर में सम्मान हासिल किया है. अगर भारत को एक सच्ची वैश्विक महाशक्ति बनना है, तो दुनिया को भारतीयों को उनकी उत्कृष्टता, दूसरों के प्रति सम्मान और जिम्मेदार व्यवहार के लिए याद रखना चाहिए. हमारे सिविक सेंस में गंभीर सुधार की जरूरत है.”

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