नई दिल्ली. विदेशों में पड़े भारतीयों के काले धन की जानकारी जुटाने में भारत की नरेंद्र मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है. स्विट्जरलैंड की सरकार ने भारत सरकार को बैंक खातों से जुड़ी पहली जानकारी सौंप दी है. स्विट्जरलैंड की ओर से स्विस बैंक में खुले भारतीय खातों की जानकारी सरकार को सौंपी है. भारत कुछ चुनिंदा देशों में से एक है जिन्हें ये जानकारी मिल रही है. फेडरल टैक्स एडमिस्ट्रेशन (एफटीए) ने भारत के साथ यह जानकारी साझा की है.

बता दें कि स्विट्जरलैंड के टैक्स विभाग ने कहा है कि बैंक खातों की जानकारी की अगली खेप भारत सरकार को 2020 में सौंपी जाएगी. जानकारी के अनुसार, स्विट्जरलैंड में दुनिया के 75 देशों के करीब 31 लाख खाते हैं जो रडार पर हैं, इनमें भारत के कई खाते भी शामिल हैं. स्विट्जरलैंड की सरकार से जानकारी मिलने के बाद सरकारी सूत्रों का कहना है कि जिन खातों की जानकारी प्राप्त हुई है उनमें सभी खाते गैरकानूनी नहीं हैं. सरकारी एजेंसियां अब इस मामले में जांच शुरू करेंगी, जिसमें खाताधारकों के नाम, उनके खाते की जानकारी को बटोरा जाएगा और कानून के हिसाब से एक्शन लिया जाएगा.

विदेश में जमा काला धन वापस हिंदुस्तान लाना मोदी सरकार के लिए बड़ा मुद्दा रहा है, फिर चाहे वो 2014 का चुनाव हो या फिर 2019 का चुनाव, जानकारी बटोरने के लिए सरकार की ओर से लगातार स्विट्जरलैंड की सरकार से संपर्क भी किया जा रहा था. अब काले धन के खिलाफ इस लड़ाई में मोदी सरकार को अब जाकर कामयाबी मिली है.

काला धन: चुनावी मुद्दा से लेकर आंदोलनों तक में छाया रहा
बता दें योग गुरू स्वामी रामदेव ने काला धन वापस भारत लाने के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन भी किया था. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2014 में चुनावी प्रचार के दौरान कहा था कि अगर विदेशों में जमा काला धन भारत वापस आ जाता है तो हर भारतीय के खाते में 15 लाख जमा हो सकते हैं. हालांकि बाद में बीजेपी अध्यक्ष रहे अमित शाह ने दिल्ली में कहा था कि 15 लाख का कोई वादा नहीं किया था बल्कि वो एक चुनावी जुमला था.

इससे पहले जून 2019 में स्विस नेशनल बैंक की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि स्विस बैंकों में भारतीयों के द्वारा जमा राशि में गिरावट आई है. 2018 के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों का अब 6757 करोड़ रुपये ही स्विस बैंकों में जमा है. हालांकि, इसमें से कितना काला धन है और कितना नहीं, इसकी जानकारी स्विस बैंकों की ओर से नहीं दी गई थी. स्विट्जरलैंड की सरकार की तरफ से हर उस खाते में लेन-देन का पूरा विवरण दिया गया था, जो कि 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हों.

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स्विटजरलैंड और भारत की नरेंद्र मोदी सरकार के बीच हुआ करार आज से लागू, स्विस बैंक देंगे भारतीय खाताधारकों की जानकारी

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