कोलंबो: श्रीलंका में एक बार फिर सियासी संकट गहरा गया है. वर्तमान में राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने शुक्रवार को संसद भंग कर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है. जिसके बाद श्रीलंका में मध्यावधि चुनाव के आसार बनते नजर आ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे बहुमत के आंकड़े से पीछे हैं और जैसे ही ये खबर राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना को लगी, उन्होंने तुरंत इसपर कार्रवाई की.

महिंद्रा राजपक्षे की पार्टी ने एलान किया है कि उनके पास अपना प्रधानमंत्री बनाने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है जिसके बाद राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना संसद को भंग करने का आदेश दिया. ऐसे में अब श्रीलंका में तय समय से दो साल पहले चुनाव कराने पड़ सकते हैं.

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के हस्ताक्षर के बाद श्रीलंका की 225 सदस्यीय असेंबली भंग हो गई है और अब खबर है कि जनवरी में श्रीलंका में फिर एक बार चुनाव हो सकते हैं. गौरतलब है कि श्रीलंका में प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को हटाकर महिंद्रा राजपक्षे को पीएम बनाया गया था और तभी से वहां सियासी संकट जारी है. आपको बता दें कि श्रीलंका की 225 सदस्यी संसद में बहुमत के लिए 113 सदस्यों का आंकड़ा जरूरी है, ऐसे में सिरसेना पहले एक जनसभा में दावा कर चुके हैं कि उन्हें 113 सांसदों का समर्थन हासिल है.

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