नई दिल्ली. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आजादी की मांग तेज होती जा रही है. गुलाम कश्मीर में आजादी की मांग कर रहे 22 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें कि बीते शनिवार को पीओके में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आजादी की मांग को लेकर नारे बुलंद कर रहे थे. वहीं दूसरी भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर पाकिस्तान और चीन के साझा घोषणापत्र का कड़े शब्दों में पुरजोर विरोध किया है.

बता दें कि गुलाम कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान से कश्मीर को मुक्त करने की मांग लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले फेंके, उनके साथ हिंसा की गई और 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भी आजादी की मांग तेज हो गई है. प्रदर्शनकारी लगातार आजादी की मांग कर रहे हैं. इसी साल पीओके में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे 19 लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर दिया गया था.

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान लगातार कश्मीर का मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठा रहे हैं जबकि उनसे अपना घर भी संभल नहीं रहा. वहीं भारत ने भी कड़े शब्दों में पाकिस्तान और चीन को साफ कर दिया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर (पीओके सहित) भारत का हिस्सा है और इसमें किसी किस्म की दखलअंदाजी भारत बर्दाश्त नहीं करेगा. 

विदेश मंत्रालयन ने बयान जारी कर कहा- हाल ही चीनी विदेश मंत्री के पाकिस्तान दौरे के बाद जारी हुए संयुक्त घोषणापत्र में जम्मू कश्मीर के जिक्र का हम पुरजोर विरोध करते हैं और इसे खारिज करते हैं. जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. 

विदेश मंत्रालय की तरफ से आगे कहा गया-  दूसरी तरफ भारत ने लगातार चीन और पाकिस्तान के तथाकथित चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर पर चिंता जताई है. यह भारतीय सीमा के अंदर आता है जहां पाकिस्तान ने गैरकानूनी रूप से 1947 में कब्जा कर लिया था. 

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा- भारत किसी भी देश द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की यथास्थिति बदलने का विरोध करता है. हम इसमें शामिल पार्टियों से साफ कहना चाहते हैं कि ऐसी गतिविधियों को तुरंत बंद किया जाए.

जम्मू कश्मीर पर आर-पार की लड़ाई के मूड में मोदी सरकार!
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जम्मू कश्मीर के विवाद पर अब आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है. धारा 370 के प्रावधानों को खत्म करने के बाद देश की संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा था कि पूरा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और जरूरत पड़ी तो इसके लिए जान भी दे देेंगे. इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दो टूक शब्दों में कहा था कि अब पाकिस्तान से सिर्फ पीओके पर बात होगी. वहीं विदेश मंत्रालय द्वारा सीधे शब्दों में चीन की पीओके में दखलअंदाजी का विरोध जताया है.

साफ है नरेंद्र मोदी सरकार कश्मीर पर अब बैकफुट पर नहीं खेलने वाली. धारा 370 के मामले में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत ने शानदार कूटनीतिक जीत हासिल की है. इमरान खान ने लाख प्रोपगैंडा करने की कोशिश की लेकिन दुनिया के अधिकांश मुल्क इस मामले में भारत के साथ खड़े हैं. ऐसे में पीओके और बलूचिस्तान संभालना पाकिस्तान के लिए मुश्किल होने जा रहा है. वहीं पाकिस्तान के सहयोगी चीन को भी भारत खुले शब्दों में चेता रहा है. पहली बार चीन से उसी की भाषा में बात हो रही है .

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