बच्चों का शोषण (ग्रूमिंग) करने वाले गैंग का 73 साल का सरगना जल्द ही जेल से रिहा होने वाला है, लेकिन वह देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा. भले ही उसकी ब्रिटिश नागरिकता छीन ली गई है. रोचडेल में बच्चों के शोषण करने वाले गैंग के मुख्य शातिर सदस्य 73 वर्षीय शब्बीर अहमद को कुछ ही दिनों में जेल से रिहा किया जाएगा. उसे 30 बच्चों के साथ शोषण करने का दोषी ठहराया गया है. अहमद पाकिस्तान से यूके (इंग्लैंड) आए थे और जेल की सजा काटने के दौरान उनकी ब्रिटिश नागरिकता रद्द कर दी गई थी, लेकिन ‘इमिग्रेशन एक्ट 1971’ के एक नियम की वजह से वह देश में ही रहेंगे. यह नियम उन कॉमनवेल्थ नागरिकों को देश से बाहर निकाले जाने से बचाता है जो 1973 से पहले यूके आए थे. शब्बीर अहमद को कुछ शर्तों (जैसे कर्फ्यू और कुछ इलाकों में जाने पर रोक) के साथ समाज में रहने की अनुमति दी जाएगी. शब्बीर अहमद को 2012 में 22 और 19 साल की सजा एक साथ काटने के लिए जेल भेजा गया था.
बता दें कि शब्बीर अहमद उन 9 लोगों में से एक हैं, जिन्हें कई बच्चों के साथ यौन अपराधों का दोषी ठहराया गया था; इन लोगों ने रोचडेल के दो टेकअवे रेस्तरां में बच्चों को बहला-फुसलाकर अपना शिकार बनाया था. सरकारी वकीलों ने अहमद को गैंग के सरगनाओं में से एक बताया था. 14 साल जेल में बिताने के बाद उन्हें इस साल 2 जुलाई को रिहा किया जाना है. इस बारे में उनके पीड़ितों को एक ईमेल के ज़रिए जानकारी दी गई है. 3 साल के शब्बीर अहमद को 2 जुलाई को जेल से रिहा किया जाएगा, लेकिन खबरों के मुताबिक उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जा सकता है. अहमद को 2012 में उन नौ लोगों में से एक के तौर पर जेल भेजा गया था, जिन्होंने रोचडेल में दो टेकअवे (खाने की दुकानों) पर 13 साल तक की लड़कियों का शोषण किया था.
एक लड़के के साथ 10 साल तक बनाए संबंध
कोर्ट को जानकारी दी गई है कि शब्बीर अहमद ने एक लड़की का एक दशक से ज़्यादा समय तक शोषण किया और उसे एक तरह से अपनी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया. 14 साल जेल में बिताने के बाद उसे इस साल 2 जुलाई को रिहा किया जाना है; पीड़ितों को एक ईमेल में यह जानकारी दी गई है. ‘विक्टिम कॉन्टैक्ट स्कीम’ ने उन्हें बताया कि अहमद पर 10 जून 2034 तक पूरे रोचडेल इलाके में जाने पर रोक (एक्सक्लूजन ज़ोन) रहेगी.अहमद को 24 घंटे कर्मचारियों की निगरानी में रहने की व्यवस्था (सुपरवाइज़्ड अकोमोडेशन) में रहना होगा।
माना जा रहा है कि अगर वह यूके छोड़ता है, तो उन्हें वापस आने की इजाज़त नहीं होगी. ईमेल में यह भी कहा गया है कि अहमद को देश से बाहर भेजने के सभी संभावित तरीकों पर विचार किया गया, लेकिन ऐसा करना मुमकिन नहीं है क्योंकि उन्होंने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी है.
अहमद का मामला रोचडेल के दो अन्य जेल में बंद अपराधियों, कारी अब्दुल रऊफ़ और आदिल खान जैसा ही है, जिन्हें पहले ही रिहा किया जा चुका है, लेकिन उन्हें भी इसी वजह से देश से बाहर नहीं भेजा जा सका. पाकिस्तान को इन लोगों को वापस लेने के लिए मनाने की कोशिश में एक साल से ज़्यादा समय से बातचीत चल रही है.
शर्मनाक है शब्बीर की करतूत
होम ऑफिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमारी संवेदनाएं सबसे पहले इन भयानक अपराधों के पीड़ितों के साथ हैं. अहमद के भयानक अपराध ‘ग्रूमिंग गैंग्स’ स्कैंडल का मुख्य हिस्सा थे, जो हमारे देश के इतिहास के सबसे काले पन्नों में से एक है. बच्चों का दुष्कर्म करने वाले बुरे लोगों ने सबसे कमज़ोर लोगों का शोषण और उनके साथ दुर्व्यवहार किया. ऐसे लोगों को कानून की पूरी सख़्ती का सामना करना ही होगा.
नियमों का उल्लंघन करने पर जाना होगा जेल
‘सख़्त कर्फ्यू और पाबंदी वाले इलाकों में रहने के अलावा, उसकी हर हरकत पर नज़र रखी जाएगी और उसे इलेक्ट्रॉनिक टैग पहनना होगा. अगर वह शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसे तुरंत जेल में डाल दिया जाएगा.