Pakistan Zubair Baloch Shot: पाकिस्तान में गैंगवार की पुरानी कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल ही में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर चर्चा के बीच कराची के कुख्यात इलाके ल्यारी में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने लोगों का ध्यान खींच लिया है.
पाकिस्तान के चर्चित गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच को गुरुवार शाम उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से छलनी कर दिया. हमले में जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि आसपास मौजूद दो अन्य लोग भी गोली लगने से जख्मी हुए हैं.
कौन है उजैर बलोच?
उजैर बलोच पाकिस्तान के सबसे कुख्यात गैंगस्टरों में गिना जाता है. वह कभी पीपुल्स अमन कमेटी का प्रमुख रहा है और उस पर हत्या, रंगदारी, पुलिस पर हमले, विस्फोटक रखने और कई संगीन अपराधों के आरोप हैं. मार्च 2026 में पाकिस्तान की एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) ने हत्या और आतंकवाद से जुड़े सात मामलों में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. इससे पहले साल 2020 में एक अदालत ने उसे जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी.
घर के बाहर बरसाईं गोलियां
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कराची के ल्यारी इलाके में इस समय हुई जब जुबैर बलोच अपने घर के बाहर मौजूद थे. तभी मोटरसाइकिल पर सवार नकाबपोश हमलावर वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोलियां उनके सीने और पेट में लगीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया. बताया जा रहा है कि पास की एक दुकान के मालिक ने हमलावरों पर जवाबी फायरिंग भी की, लेकिन हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे.
कई एंगल से जांच में जुटी पुलिस
कराची पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जां में पुलिस गैंगवार, पुरानी दुश्मनी और अन्य आपराधिक कराणों समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है. जुबैर बलोच का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. उन्हें साल 2012 में गिरफ्तार किया गया था और जनवरी 2025 में रिहा किया गया था. उनकी रिहाई के बाद से ही उनकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रखे हुए थीं.
लोकल लोग गैंग वॉर के वापस आने से परेशान
डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कराची के ल्यारी में एक सोशल एक्टिविस्ट ने कहा कि ज़ुबैर बलूच कुछ महीने पहले एक पॉलिटिकल पार्टी में शामिल हो गया था और उसने इलाके में उसके झंडे भी गाड़ दिए थे. ऐसी भी खबरें हैं कि ‘कराची ऑपरेशन’ के बाद दुबई और ईरान भागे कुछ गैंगस्टर US-ईरान युद्ध के बाद वापस आ गए हैं. इन घटनाओं से लोकल लोगों में यह डर बढ़ गया है कि गैंग वॉर वापस आ सकता है.