Jeffrey Epstein Suicide Note Revealed: अमेरिकी यौन अपराधी और मानव तस्कर जेफ़री एपस्टीन को एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. एपस्टीन फ़ाइल्स से जुड़े और सामने आ रहे राज़ दुनियाभर में सुर्ख़ियां बने हुए हैं. इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई दिग्गज हस्तियों के नाम भी सामने आए हैं. इस बीच जेफ़री एपस्टीन का हाथ से लिखा सुसाइड नोट आखिरकार जारी हो गया है. इसमें उसने लिखा है- ‘कोई मज़ा नहीं. कोई फ़ायदा नहीं.’ दरअसल, जेफ़री एपस्टीन का लिखा हुआ यह नोट उसका सुसाइड नोट माना जा रहा है. सालों तक सील रहने के बाद अब जारी कर दिया गया है.
और क्या लिखा है नोट में
यहां पर बता दें कि भले ही जेफरी एपस्टीन की मौत 6 साल पहले वर्ष 2019 में हो चुकी है, लेकिन मृत्यु के 6 साल बाद भी एपस्टीन की फ़ाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिज़नेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं. अब ताजा मिले सुसाइड नोट में उसने लिखा है- ‘उन्होंने महीनों तक मेरी जांच की, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला. अपनी मर्ज़ी से दुनिया को अलविदा कहने का समय चुन पाना एक तोहफ़ा है. तुम मुझसे क्या चाहते हो, फूट-फूटकर रोऊं. नोट के आखिर में लिखा है ‘कोई मज़ा नहीं’ (NO FUN), इन शब्दों के नीचे अंडरलाइन है. और उसके बाद लिखा है ‘कोई फ़ायदा नहीं!!’ (NOT WORTH IT!!)
जेल में किस हालत में मिला था जेफरी
गौरतलब है कि यह नोट तब मिला था जब जुलाई 2019 में इस बच्चों का यौन शोषण करने वाले फाइनेंसर के गले में कपड़े का एक टुकड़ा लिपटा हुआ पाया गया था, लेकिन वह आत्महत्या की उस कोशिश में बच गया था. हालांकि, एक महीने बाद 66 साल की उम्र में एपस्टीन ने न्यूयॉर्क शहर के मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर के अंदर आत्महत्या कर ली थी.
बुधवार को सार्वजनिक हुआ सुसाइड नोट
यहां पर बता दें कि यह नोट बुधवार को तब सार्वजनिक किया गया जब ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने इसे सील से हटाने के लिए अदालत में अर्जी दी. एपस्टीन के सेलमेट निकोलस टार्टाग्लियोन को आत्महत्या की नाकाम कोशिश के बाद यह नोट मिला था, और बाद में यह नोट उसके अपने ही आपराधिक मामले का हिस्सा बन गया.
एपस्टीन फ़ाइल्स में क्या है?
एक 14 साल की लड़की के माता-पिता ने वर्ष 2008 में पुलिस को जानकारी दी थी कि जेफ़री एपस्टीन ने उनकी बेटी के साथ उनके पाम बीच वाले घर पर यौन हिंसा की. इसके बाद जांच की कड़ी में घर में कई लड़कियों की तस्वीरें मिलीं. इसके बाद लगातार एपस्टीन घिरते चले गए. आखिरकार उसे नाबालिगों से गलत काम करवाने के लिए दोषी ठहराया गया. इसके बाद एपस्टीन ने फ़्लोरिडा में अभियोजकों से एक समझौता किया, इसकी वजह से उसे ज़्यादा जेल नहीं हुई. रोचक यह है कि फिर 11 साल बाद यानी वर्ष 2019 में उस पर फिर आरोप लगा कि वह नाबालिग लड़कियों का गिरोह चलाता है. वहीं, जेल में ट्रायल का इंतज़ार करते हुए उसकी मौत हो गई, जिसे सुसाइड बताया गया.
