Tuesday, July 5, 2022

अमेरिका जाएंगे नेपाल के पीएम, जानिए इस यात्रा के मायने

नई दिल्ली। नेपाल में चीन के बढ़ते दबदबे को खत्म करने के लिए अमेरिका कई दिनों से साइलेंट कूटनीति की रणनीति के तहत काम कर रहा है। अब इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। नेपाल और अमेरिका उच्चतम स्तर पर बातचीत करने जा रहे हैं। नेपाल के सेना प्रमुख प्रभुराम शर्मा जून में अमेरिका जा रहे हैं। कुछ दिनों बाद प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा वाशिंगटन पहुंचेंगे। 20 वर्षों में नेपाल के किसी प्रधान मंत्री द्वारा अमेरिका की यह पहली यात्रा होगी।

अमेरिका चुपचाप काम कर रहा है

एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल के दिनों में अमेरिका और नेपाल के बीच कई स्तरों पर बातचीत चल रही है।।इसमें राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व शामिल है। अब बातें सामने आने लगी हैं। नेपाल के सेना प्रमुख शर्मा पेंटागन पहुंच रहे हैं। इसके बाद जुलाई के पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री देउबा अमेरिका पहुंचेंगे। उनके कार्यक्रम का शेड्यूल जल्द ही सामने आ सकता है। इसके पहले और बाद में दोनों देशों के आला अधिकारी बातचीत करेंगे। नेपाल सेना ने भी इस दौरे की पुष्टि की है। अमेरिका के अलावा नेपाल के सेना प्रमुख कुछ अन्य देशों का भी दौरा करेंगे।

शर्मा 27 जून को रवाना होंगे

सेना प्रमुख 27 जून को अमेरिका के लिए रवाना होंगे। यहां वह पेंटागन का दौरा करेंगे। इसके बाद दक्षिण एशिया के मामलों को देखने वाले अमेरिका के तमाम शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि अमेरिका नेपाल को पहाड़ी इलाकों के लिए जरूरी सैन्य साजो-सामान देने जा रहा है। कुछ दिन पहले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के अमेरिकी कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो काठमांडू गए थे। जॉन 36 देशों में अमेरिकी ऑपरेशन के प्रमुख हैं। खास बात यह है कि जॉन के काठमांडू दौरे पर अमेरिका ने कुछ नहीं कहा। बाद में काठमांडू पोस्ट ने इस यात्रा के बारे में एक छोटी जानकारी दी।

इस यात्रा का अर्थ क्या है?

पिछले हफ्ते अमेरिका की अवर सचिव उजरा जया समेत तीन शीर्ष अधिकारियों ने गुप्त रूप से नेपाल का दौरा किया था। 2017 में अमेरिका ने नेपाल को 50 करोड़ डॉलर दिए थे। 2018 में अमेरिका ने कहा- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नेपाल हमारी रणनीति का हिस्सा है।

नेपाल में सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अमेरिका अब चीन को रोकने के लिए बहुत तेजी से काम कर रहा है, लेकिन यह दो बड़े देशों के लिए युद्ध का मैदान बन सकता है। रिटायर्ड मेजर जनरल बिनोज बंसायत ने कहा-नेपाल में अमेरिकी हित बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे चीन का परेशान होना स्वाभाविक है। नेपाल के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री का दौरा बेहद अहम है।

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