किर्गिस्तान में हुई एक मीटिंग में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि वो इंसानियत के लिए यूक्रेन में अपना युद्ध रोक दें. दोनों वर्ल्ड लीडर्स किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में दो दिन तक चले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन (SCO) समिट के दौरान मिले. यह ऑर्गनाइज़ेशन पश्चिम (West) के मुकाबले एक ताकत के तौर पर खड़ा होना चाहता है. रीजनल SCO ब्लॉक में रूस, चीन, ईरान, भारत, पाकिस्तान, चार सेंट्रल एशियाई देश और बेलारूस शामिल हैं. वह अपनी 25वीं सालगिरह मना रहा है.
सोमवार को हुए ब्रॉडकास्ट के दौरान मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से कहा कि हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से निकलकर युद्ध को खत्म करने की ओर बढ़ना होगा. इसके बाद पुतिन ने अपना ईयरपीस (जिसका इस्तेमाल अनुवाद सुनने के लिए किया जाता है) नीचे रखा और कहा कि बहुत-बहुत धन्यवाद, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर. हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
यूक्रेन में जमीनी हालात को देखें तो पुतिन के शांति की ओर बढ़ने के कोई खास संकेत नहीं दिख रहे हैं. ऐसा लगता है कि रूसी नेता युद्ध को और तेज़ कर रहे हैं और देश भर में लगातार हमले कर रहे हैं. इनमें अनाज के गोदामों पर किए गए हमले भी शामिल हैं, जिनकी वजह से अब कमी की समस्या पैदा हो गई है.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
सोमवार को हुई इस तनावपूर्ण बातचीत के दौरान मोदी ने पुतिन से कहा कि युद्ध का हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की ओर उठाया गया हर कदम इंसानियत में नई उम्मीद और उत्साह भरता है. किर्गिस्तान में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हुई एक बैठक में व्लादिमीर पुतिन से मानवता के लिए यूक्रेन में युद्ध रोकने को कहा गया. पीएम मोदी ने साढ़े चार साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने की अपील की और कहा कि शांति ‘मानवता की भलाई के लिए बहुत ज़रूरी’ है.
शांति से हो सभी मुद्दों का हल
पुतिन के सामने पीएम मोदी ने साढ़े चार साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने की अपील की और कहा कि शांति ‘मानवता की भलाई के लिए बहुत ज़रूरी’ है. उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान मानवता की मांग है और यही भारत का संदेश है.