Home > क्राइम > Most Dangerous Serial Killer: जेल को बनाया ‘कसाईखाना’, कैदियों को दी बकरे जैसी मौत; Male Prostitute से बना खूंखार कातिल

Most Dangerous Serial Killer: जेल को बनाया ‘कसाईखाना’, कैदियों को दी बकरे जैसी मौत; Male Prostitute से बना खूंखार कातिल

Most Dangerous Serial Killer | Robert Maudsley: आज हम आपको एक अईसे कैदी के बारे में बताने वाले हैं जिसने जेल में रहते हुए कई कैदियों की जिंदगी छीन ली हैं. और ये कैदी पिछले 50 सालों से जेल में है.

By: Heena Khan | Last Updated: August 6, 2026 11:24:17 AM IST



Most Dangerous Serial Killer | Robert Maudsley: आज हम आपको एक अईसे कैदी के बारे में बताने वाले हैं जिसने जेल में रहते हुए कई कैदियों की जिंदगी छीन ली हैं. और ये कैदी पिछले 50 सालों से जेल में है. जिस जेल में इस कैदी को रखा गया है वो कोई साधारण जेल नहीं बल्कि उसे ज़मीन के नीचे एक पारदर्शी सेल में रखा गया है, बताया जाता है कि ये कैदी इतना खतरनाक है कि मौत भी उससे दूर भागती है. जिस साइको किलर की हम बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि रॉबर्ट मॉड्सली है. एक एक ऐसा अपराधी था कि जेल में इसकी बात करना भी जुर्म माना जाता था. बता दें कि रॉबर्ट मॉड्सली पिछले पांच दशकों से ब्रिटेन की वेकफील्ड जेल में अकेले (solitary confinement) अपनी सज़ा काट रहा है. उसे 1974 में जेल भेजा गया था और अब वो 72 साल का है.

भेजे में घुसाया था चम्मच 

बता दें कि मॉड्सली को 1974 में जॉन फैरेल की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद जेल भेजा गया था; दरअसल, फैरेल बच्चों का यौन शोषण करता था. जेल में रहते हुए, मॉड्सली ने तीन और लोगों की हत्या कर दी. इतना ही नहीं, एक बार तो उसने एक पीड़ित के दिमाग में चम्मच घोंपकर उसकी जान ले ली थी. इन घटनाओं के बाद, उसे दूसरे कैदियों से मिलने-जुलने से रोक दिया गया.

बन गया था Male Prostitute

मॉड्सली लिवरपूल में पैदा हुआ था और उसने अपनी शुरुआती ज़िंदगी आठ साल की उम्र तक एक कैथोलिक अनाथालय में बिताई. बाद में वो अपने माता-पिता के साथ रहा, उसके माँ-बाप ही उसके साथ मारपीट किया करते थे. जिसके बाद 16 साल की उम्र में, वो घर से भाग गया और नशे में पड़ गया, जिसके चलते वो भारी मात्रा में ड्रग्स भी लेने लग गया. वहीं जब उसके खाने-पीने के खर्चे भी नहीं बचे तो वो अपना गुज़ारा करने के लिए, मेल प्रॉस्टिट्यूट (पुरुष वेश्या) बन गया. इसी दौरान, वो अपने एक क्लाइंट, जॉन फैरेल से मिला, जो बच्चों का यौन शोषण करता था.

बेरहमी से किया था पहला कत्ल 

हुआ कुछ यूं कि फैरेल ने मॉड्सली को उन बच्चों की तस्वीरें दिखाईं जिनका उसने यौन शोषण किया था. उन तस्वीरों को देखकर गुस्से में आकर, मॉड्सली ने फैरेल को बेरहमी से मार डाला. यह हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि जॉन का चेहरा नीला पड़ गया, जिससे पुलिस ने मृतक का नाम ‘ब्लू’ रख दिया.

9 घंटे तक पीट-पीटकर ली जान

 आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रॉबर्ट को 1974 में इस हत्या के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई और जेल भेज दिया गया. 1977 में, उसे पता चला कि डेविड फ्रांसिस नाम का एक कैदी जिसे बच्चों के यौन शोषण का दोषी ठहराया गया था वो भी उसी जेल में है. रॉबर्ट डेविड को एक कमरे में ले गया, उसे एक सेल में बंद कर दिया और नौ घंटे तक पीटा; जब तक दूसरे कैदियों ने दरवाज़ा तोड़ा, तब तक डेविड मर चुका था. इसके बाद, रॉबर्ट को यॉर्कशायर की वेकफील्ड जेल में भेज दिया गया.

रूह कंपा देगा तीसरा कत्ल 

वहीं दूसरी जेल में भी उसने जल्लादों वाला रूप अपनाया. वहाँ साल्नी डारवुड नाम का एक कैदी था, जिसने अपनी ही पत्नी को बेरहमी से मार डाला था. यह पता चलने पर, रॉबर्ट डारवुड की कोठरी में गया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. फिर उसने शव पर चाकू से वार किया और उसे बिस्तर के नीचे छिपा दिया. उसी दिन, रॉबर्ट ने एक और हत्या कर दी. उसे बिल रॉबर्ट्स नाम के एक कैदी के बारे में पता चला था, जिसने सात साल की बच्ची के साथ यौन शोषण किया था; रॉबर्ट ने उस कैदी का सिर कुचल दिया. उस शाम, रॉबर्ट ने एक गार्ड से कहा कि अब जेल में दो लोग कम हैं, इसलिए खाना कम बनाया जाना चाहिए.

किया खास जेल का निर्माण 

इस साइको किलर की हरकतें देख एक नई प्लानिंग की गई. इस दौरान जेल के बेसमेंट में कांच के पिंजरे वाली एक खास कोठरी बनाने का काम शुरू हुआ और 1983 तक यह बनकर तैयार हो गई. इस कोठरी में बड़ी बुलेटप्रूफ खिड़कियाँ और पेपरबोर्ड से बनी मेज़ और कुर्सी लगी है. उसका टॉयलेट और सिंक फ़र्श से जुड़े हुए हैं. इसमें घुसने के लिए एक स्टील का दरवाज़ा है जो मोटे पर्सपेक्स (एक तरह का मज़बूत प्लास्टिक) से घिरे एक छोटे से पिंजरे में खुलता है; नीचे एक छोटा सा स्लॉट है जिससे खाना अंदर भेजा जा सकता है. इस कोठरी में बंद होने के बाद, रॉबर्ट ने एक चिट्ठी लिखी जिसमें कहा गया कि वहाँ रहना ऐसा लगता है जैसे किसी ताबूत में ज़िंदा दफ़ना दिया गया हो.

ये भी पढ़ें: ठंडी नहीं हुई लाल किले की जमीन! हो रही थी एक और बड़े हमले की तैयारी; भारत के इन हिस्सों से पकड़ा गया हथियारों का बड़ा जखीरा

Advertisement