वाशिंगटन. एक तरफ भारत में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं, विरोध प्रदर्शन हिंसक हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अमेरिका में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर एक बिल पास किया गया है जो महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की विरासत को आगे बढ़ाएगा. इस बिल को मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेसमैन जॉन लेविस ने पेश किया. इसमें अगले पांच सालों के लिए 150 मिलियन डॉलर जारी किए जाएंगे जिसमें हर साल 30 मिलियन डॉलर खर्च होंगे.

इस बिल का नाम द हाउस बिल (HR 5517) है. इस बिल को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत और अमेरिका की दोस्ती और गांधी और किंग के इन समाजों में योगदान को रेखांकित करने के लिए लाया गया है. अमेरिका में भारत के राजदूत हर्शवर्धन श्रींगला ने इस बिल का स्वागत करते हुए कहा,’ यह भारत और अमेरिका के नजदीकी सांस्कृतिक और वैचारिक एकता को दर्शाता है. सदक की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने भी इस बिल का स्वागत किया है.

क्या है महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग के नाम पर बने इस बिल में
इस बिल में प्रस्ताव है गांधी-किंग डेवलपमेंट फाउंडेशन बनाया जाए जो यूएसएआईडी के तहत भारतीय कानूनों के अनुसार बनेगा. यह फाउंडेशन छह डेमोक्रेटिक सांसदों द्वारा भी समर्थित है जिसमें तीन भारतीय अमेरिकी हैं. जिनमें- डॉ. एमी बेरा, रो खन्ना और प्रमिला जयपाल शामिल हैं. तीन और सांसद ब्रेंडा लॉरेंस, ब्रेड शर्मन और जेम्स मैकग्रोवन हैं.,इस बिल के अनुसार, एक सरकारी काउंसिल जिसमें भारत और अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे तय करेगा कि किन एनजीओ को स्वास्थ्य, प्रदूषण और क्लाइमेट चेंज, शिक्षा और स्त्री सशक्तिकरण के क्षेत्र में फंड दिया जाएगा.

इसके अलावा 2 मिलियन डॉलर सालाना रकम का आवंटन अगले पांच सालों तक गांधी-किंग स्कॉलरली एक्सचेंज इनिशियेटिव के लिए खर्च की जाएगी. इस बिल के तहत भारत और अमेरिका के लिए सालाना एक एजुकेशनल समिट का आयोजन होगा जो एक साल भारत में तो दूसरे साल अमेरिका में आयोजित होगा. गांधी और मार्टिन लूथर किंग की शिक्षा और उनसे जुड़े ऐतिहासिक स्थानों को प्रमोट करने की योजना भी इस बिल में है.

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