प्योंगयांग. उत्तर कोरिया का नाम आते ही एक चेहरा सामने उभर कर आता है और वो है किम जोंग उन का. किम के तानाशाही रवैये के चलते ये देश हमेशा ही चर्चा में रहा. एक बार फिर ये देश चर्चा में है लेकिन इस बार किम जोंग उन की हरकतों की वजह से नहीं बल्कि वहां के लोगों की वजह से. दरअसल उत्तर कोरिया में इस समय गर्मी ने विकराल रूप धारण कर रखा है और इससे बचने के लिए यहां के लोग कुत्ते का मांस खा रहे हैं. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक इस देश में कुत्ते के मांस की खपत काफी बढ़ गई है.

उत्तर कोरिया में कुत्ते के मांस को बड़े पैमाने पर खाया जाता है. यहां इस मांस को डंगोगी या मीठा मांस कहा जाता है. इसे गर्मी से बचने का अचूख नुस्खा माना जाता है. कुत्ते के मांस को गर्मियों का भोजन माना जाता है. इस समय उत्तर कोरिया में भयंकर गर्मी पड़ रही है और इसी वजह से यहां कुत्ते के मांस की खपत भी बढ़ गई है. इस समय उत्तर कोरिया में 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान है. तेज गर्मी ने लू से बचने के लिए यहां के लोग कुत्ते के मांस का सेवन करते हैं. यहां लोग गर्मी से बचने के लिए बग्सू नामक पेय पदार्थ का सेवन कर रहे हैं.

यहां के रेस्त्रां में कुत्ते के मांस से बना सूप बड़े चाव के साथ पिया जाता है. उत्तर और दक्षिण कोरिया में लंबे समय से कुत्ते के मांस को आंतरिक बल प्रदान करने वाला भोजन माना जाता है और परंपरागत रूप से साल के सबसे गर्म समय के दौरान इसको खाया जाता है. हालांकि उत्तर कोरिया में कुत्ते के मांस को किस मात्रा में खाया जाता है अभी इसके आंकड़े उपलब्ध नहीं हो पाए हैं लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां कम से कम लाखों कुत्ते हर साल मार दिए जाते हैं.

तो वहीं उत्तर और दक्षिण कोरिया में एक हिस्सा ऐसा भी है जो कुत्ते को मारने के खिलाफ विरोध कर रहा है. इसलिए कुत्ते को मारने के खिलाफ दोनों देशों की सरकारों पर दवाब भी बन रहा है.

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