नई दिल्ली. गाजा पट्टी पर बसे फिलिस्तीनियों के लिए गुरुवार की सुबह बेहद दर्दनाक रही। ईद-उल-फित्र की सुबह लोगों की आंख एक के बाद एक कई बम धमाकों से खुली। इजराइल की ओर से गाजा पट्टी को निशाना बनाकर कई रॉकेट दागे गए। कई इजराइली फाइटर जेट्स ने बम भी गिराए हैं।

इजराइल के हमले में फिलिस्तीनी संगठन हमास के 11 कमांडरों की मौत हो गई। जबकि एक बहुमंजिला इमारत धराशाई हो गई है। इस हमले के बाद हमास की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। जिसमें इजराइल ओर दर्जनों रॉकेट हमले किए गए हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी इसराइल में कई जगहों पर हमले हुए हैं और स्डेरोट शहर में एक बच्चे की मौत हो गई है।

सोमवार से जारी हिंसा में इजराइल और फिलिस्तीन के हमास संगठन में रोज खूनी झड़प हो रही है। जहां इजराइल हमास के ठिकानों को निशाना बना रहा है वहीं जवाब में हमास ने भी कई रॉकेट दागे हैं। संयुक्त राष्ट्र और मिस्र के अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष विराम के प्रयास चल रहे हैं लेकिन इसमें प्रगति के कोई संकेत नहीं है।

बच्चे भी हो रहे हमले का शिकार

अलजज़ीरा की खबर के मुताबिक, जबसे ये झड़प शुरू हुई है इजराइल की ओर से गाजा में पुलिस हेडक्वार्टर और सुरक्षा मंजिलों को निशाना बनाकर बम दागे गए हैं। इन हमलों में 17 बच्चों और 5 महिलाओं सहित 69 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की खबर है। जबकि 86 बच्चों और 39 महिलाओं सहित कम से कम 365 लोग घायल हुए हैं। वहीं इजराइल ने अपने 6 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।

कैसे शुरू हुई हिंसा

हिंसा की वजह हथियारों से लैस इजराइली पुलिस की तैनात और यहूदी शरणार्थियों द्वारा दर्जनों फलस्तीनी परिवारों को निर्वासित करने का खतरा रही। जिसके बाद पुलिस के साथ झड़पें हुई। अल अक्सा मस्जिद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड भी फेंके। ये सब तब हुआ जब रमजान का पवित्र महीना चल रहा था।

मामले ने तूल तब पकड़ा जब अल अक्सा मस्जिद में इजराइली पुलिस के द्वारा की गई कार्रवाई के बाद हमास संगठन ने इसराइल पर रॉकेट से हमला कर दिया। जिसके बाद दोनों ओर से बम और रॉकेट की बारिश सी शुरू हो गई।

भारत ने की निंदा

वहीं इस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने ट्वीट करके इसकी निंदा की। उन्होंने लिखा, ‘भारत सभी तरह की हिंसक गतिविधियों, खासकर गाजा से किए गए रॉकेट हमलों की निंदा करता है।’

सऊदी अरब सख्त

मंगलवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इजराइल की निंदा करते हुए अपने बयान में कहा, ”अल-अक़्सा मस्जिद की पवित्रता और नमाज़ियों पर इसराली आक्रमणकारी बलों ने खुला हमला किया है.” सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि इस सारी घटना का दोषी इजराइल को ही ठहराया जाए।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा, ”सऊदी अरब फ़लस्तीनियों के साथ खड़ा है. हम फ़लस्तीन में हर तरह के कब्जे को ख़त्म करने का समर्थन करते हैं।”

तुर्की ने भी जताया रोष

तुर्की के राष्ट्रपति रेचिप तैय्यप अर्दोआन ने इस मसले ओर कई मुस्लिम देशों से फोन पर संपर्क साधा है। अर्दोआन ने मलेशिया, जॉर्डन, कुवैत के राष्ट्र प्रमुखों और हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख से इसराइल को लेकर बात की है. इतना ही नहीं उन्होंने इस मसले पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी बात की है।

अर्दोआन ने कहा, ”जो देश इसराइली जुल्म के ख़िलाफ़ चुप हैं, वे भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन कर रहे हैं। मैं पूरी दुनिया और ख़ास करके इस्लामिक दुनिया से अपील करता हूं कि वे इसराइली हमले ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं।” उन्होंने कहा कि फ़लस्तीनी भाई-बहनों की रक्षा के लिए तुर्की हर क़दम उठाएगा।

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