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लेबनान पर इजरायली हमलों से भड़का ईरान, अमेरिका से बातचीत रोकी; होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की दी धमकी

US-Iran News: बेरूत पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर, ईरान ने अमेरिका को दिया बड़ा झटका और दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते को लेकर दी बड़ी चेतावनी. जानिए पूरा मामला...

By: Shivani Singh | Published: June 1, 2026 8:03:59 PM IST



US-Iran-Israel War: लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच एक बड़ी खबर आ रही है. ईरान ने इजरायली कार्रवाई के विरोध में अमेरिका के साथ चल रही अपनी बातचीत को सस्पेंड कर दिया है. ईरानी वार्ता दल ने मध्यस्थों के जरिए होने वाली ‘बातचीत और संदेशों के आदान-प्रदान’ को फिलहाल रोक दिया है। ईरान का कहना है कि लेबनान में सीजफायर के लिए जो शर्तें तय हुई थीं, इजरायल ने उन सभी का उल्लंघन किया है.

ईरान की दो टूक मांग

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी और क्षेत्रीय मोर्चे की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी.

ईरान की मुख्य मांगें हैं…

  • गाजा और लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तुरंत रुके.
  • इजरायली सेना बेरूत से पूरी तरह पीछे हटे.

व्यापारिक रास्तों को बंद करने की चेतावनी

बातचीत रोकने के साथ ही ईरान ने तेवर और कड़े कर लिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और उसके सहयोगी उग्रवादी गुटों ने अब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को पूरी तरह बंद करने और दूसरे मोर्चों को सक्रिय करने की रणनीति बनाई है.

इसमें लाल सागर का ‘बाब अल-मंदेब’ इलाका भी शामिल है, जहां यमन के ईरान-समर्थित हुथी विद्रोही पहले भी जहाजों को निशाना बना चुके हैं। अगर ये समुद्री रास्ते बंद होते हैं, तो दुनिया भर के व्यापार और तेल की सप्लाई पर इसका बहुत बुरा असर पड़ सकता है.

बेरूत पर हमले के बाद बढ़ा तनाव

ईरान का यह फैसला इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस आदेश के कुछ ही घंटों बाद आया है, जिसमें उन्होंने सेना को बेरूत के ‘दाहियेह’ इलाके पर हमला करने को कहा था. यह इलाका हिजबुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है. वहीं, एक इजरायली अधिकारी ने सीएनएन (CNN) को बताया कि बेरूत पर हमले की इस योजना में अमेरिका को भी भरोसे में लिया गया था और दोनों देशों के बीच इसे लेकर तालमेल था.

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