तेहरान: ईरान की सेना द्वारा अमेरिकी वायुसेना का ड्रोन गिराए जाने के बाद से मिडिल इस्ट में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं. ईरान की सेना ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी खूफिया एजेंसी के एक जासूसी ड्रोन को उन्होंने मार गिराया है जो उनकी सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था. अमेरिकी अधिकारियों ने माना है कि ईरान ने उनके एक ड्रोन को मार गिराया है लेकिन उनका कहना है कि ये ड्रोन होममुज के ऊपर सतरैत के ऊपर से गुजर रहा था जो इंटरनेशनल बॉर्डर है.

ईरानी सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि अमेरिकी ड्रोन को मार गिराना अमेरिका के लिए ईरान की चेतावनी है. उन्होंने कहा कि हमारे दुश्मन के लिए अच्छा यही होगा कि वो हमारी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा और ग्रेट ईरान के राष्ट्र हित का सम्मान करें. रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख हुसैन सलामी ने स्पष्ट कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन ईरान किसी भी युद्ध की घोषणा का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

गौरतलब है कि पिछले साल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में परमाणु समझौते से खुद को अलग करने का एलान कर दिया था और ईरान पर उर्जा और आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे. ट्रंप के इस फैसले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है. पिछले दिनों अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ब्रायन कुक ने कहा कि अमेरिका तेहरान के साथ स्थाई और व्यापक समझौता चाहता है. विदेशी मामलों की कमेटी को संबोधित करते हुए कुक ने कहा था कि अमेरिका का ईरान पर दवाब कामयाब रहा है जिससे ईरान का राजस्व खत्म हो रहा है.

इसके अलावा अमेरिका ने ईरान से खतरा बताकर मिडिल ईस्ट में भारी संख्या में अपनी फौज तैनात कर दी है. बताया जा रहा है कि पिछले हप्ते ओमान की खाड़ी में तेल के दो टैंकरों पर हमले और ईरान के 2015 के परमाणु समझौते को ना मानने की धमकी देने के बाद से दोनों देश एक दूसरे के सामने बंदूक ताने खड़े हैं.

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