नई दिल्ली: अमेरिका ने मंगलवार को भारतीय मूल के ISIS आतंकी सिद्धार्थ धर उर्फ जिहादी जॉन को ग्लोबल टैरेटिस्ट की कैटेगिरी में डाल दिया है. इस लिस्ट में डाले जाने के बाद सरकार अब जिहादी जॉन की सारी संपत्ति जब्त कर सकती है. आइए आपको बताते हैं कि कौन है दुनियाभर में आईएसआईएस के आतंक का चेहरा बने सिद्धार्थ धर, उर्फ अबु रुमेशा उर्फ जिहादी जॉन.

सिद्धार्थ धर भारतीय मूल का ब्रिटिश हिंदू है जिसने बाद में इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया और अबु रुमेशा बन गया. अबु रुमेशा ब्रिटिश आतंकी संगठन अल मुहाजिरों का प्रमुख है. साल 2014 में अबु रुमेशा ब्रिटिश पुलिस की हिरासत से भाग गया और पत्नी और बच्चे के साथ ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया चला गया. अबु रुमेशा ISIS का सीनियर कमांडर बन गया और उसने ISIS के जल्लाद मोहम्मद इमवाजी की जगह ले ली जोकि ड्रोन हमले में मारा गया था. इमवाजी की मौत के बाद अबु रुमेशा ने खुद को नया जिहादी जॉन करार दिया.

अबु रुमेशा ने जनवरी 2016 में एक वीडिया रिलीज किया जिसमें वो कुछ लोगों की निर्मम हत्या कर रहा था जिन्हें वो ब्रिटेन का जासूस बता रहा था. ISIS के चंगुल से छूटकर आई निहाद बरकत ने एक इंटव्यू में बताया था कि अबु रुमेशा ने उसे इराक से किडनैप कर मौसूल में भेज दिया था जहां उसका यौन शोषण किया जाता था. अमेरिका ने अनुज धर उर्फ अबु रुमेशा और बेल्जिम मूल के अब्देलातिफ गियानी को ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में डाल दिया है. इसके बाद दोनों आतंकियों की अमेरिका में जितनी भी संपत्ती है उन्हें जब्त कर लिया जाएगा.

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