इस्लामाबाद. जम्मू कश्मीर में चल रहे तनाव के माहौल के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पीटीआई चीफ इमरान खान ने भारत पर क्लस्टर बम से पाकिस्तानी आम नागरिकों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के जरिए कश्मीर मामले को सुलझाने की बात की है. बता दें कि भारत सरकार ने वैश्विक मंच पर और देश की संसद में बीते दिनों में कई बार अपना रुख साफ किया है कि कश्मीर विवाद पर उसे किसी तीसरे देश का दखल मंजूर नहीं है. ऐसे में इमरान खान के इस बयान पर भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार है.

सीमापार से लगातार पाकिस्तान को भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. पाकिस्तान की घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को भी नाकाम कर दिया गया. कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकियों की साजिश का समय से पहले पटाक्षेप होने के बाद भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने अमरनाथ यात्रा रुकवाई और यात्रियों को सुरक्षित वापस लौट जाने का निर्देश दिया. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत पर क्लस्टर बम के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कश्मीर राग छेड़ दिया है. इमरान खान ने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर विवाद पर मध्यस्थता के ऑफर का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए. इसी से कश्मीर समस्या का समाधान संभव है. 

पीएम इमरान खान ने ट्वीट करते हुए  लिखा,“सीमापार से भारत द्वारा मासूम नागरिकों पर क्लस्टर बम से हमला करने की निंदा करता हूं. यहा 1983 के यूएनएससी कन्वेंशन के मानवीय कानूनों के खिलाफ है. संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद को अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर खतरे के मद्देनजर इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए.

अपने दूसरे ट्वीट में इमरान खान ने लिखा, “अब वक्त आ गया है कि लंबे समय से कश्मीर में संघर्ष कर रहे लोगों की पीड़ा को खत्म करें. उन्हें यूएन रिजॉल्यूशन के अनुसार स्वंय निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए. दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा का एक ही रास्ता है कश्मीर समस्या का न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण निपटारा.”

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा, “प्रेसीडेंट ट्रंप ने कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी. अब इस ऑफर को स्वीकार करने का वक्त आ गया है क्योंकि सीमापार से भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा आक्रामक कदम उठाए जा रहे हैं. इससे एक स्थानीय संकट उत्पन्न होने की संभावना है.”

ट्रंप के दावे पर भारत में हुआ था बवाल
बता दें कि बीते दिनों इमरान खान अमेरिका दौरे पर गए थे. इस दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से उनकी मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात के दौरान ट्रंप ने यह कह दिया कि उन्हें भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर विवाद पर मध्यस्थता करने का आग्रह किया था. भारत ने हालांकि तुरंत अपना पक्ष स्पष्ट किया कि ऐसी कोई बातचीत नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच नहीं हुई थी और भारत की कश्मीर पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं आया है. इसके बावजूद विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में आकर सफाई देने की मांग की. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जरूर पुरजोर तरीके से इस मसले पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया. रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राष्ट्रीय स्वाभिमान के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करेगी. राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान से जब कभी भी इस मुद्दे पर बात होगी उस वक्त केवल कश्मीर पर ही बात नहीं होगी पूरे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर बात होगी.

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