नई दिल्ली. राफेल डील को लेकर भारतीय राजनीति में हंगामा बरपा हुआ है. इस बीच इंडियन एयर फोर्स के डेप्युटी चीफरघुनाथ नाम्बियार ने फ्रांस में जाकर राफेल जेट उड़ाया. डेप्युटी चीफ रघुनाथ ने इंडिया की जरूरतों के लिए बनाए गए राफेल जेट में उड़ान भरी. दो सीट वाले फाइटर जेट में उन्होंने फ्रंट सीट पर बैठकर जेट उड़ाया. भारत सरकार ने फ्रेंच एयरक्राफ्ट मैन्युफेक्चरर कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 2015 में 36 राफेल जेट खरीदने का सौदा किया है. यह सौदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान किया गया था.

भारत और फ्रांस के बीच राफेल जेट खरीदने के लिए 25 जनवरी 2015 को एक इंटर गवर्नमेंटल एग्रीमेंट हुआ था. इस सौदे के तहत, डेसॉल्ट एविएशन भारत को 36 विमान बेचेगा. यह सौदा 58,000 करोड़ रुपये में हुआ है. इस विमान को इंडियन एयरफोर्स की जरुरतों के हिसाब से कस्टमाइज किया गया है. 

बता दें कि कांग्रेस राफेल डील में भारी अनियमितता का आरोप लगाकर मोदी सरकार पर निशाना साध रही है. इस डील पर वायुसेना की तरफ से 6 सितंबर को एक बयान जारी किया गया था. विपक्ष के आरोपों पर वायुसेना की तरफ से जवाब देने रघुनाथ नाम्बियार ही सामने आए थे. उन्होंने कहा था कि राफेल डील को लेकर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वो तथ्यों से परे हैं. 

कांग्रेस राफेल डील में 2008 में यूपीए के कार्यकाल में हुई डील का हवाला देकर इसे तीन गुनी कीमत पर खरीदने का आरोप लगा रही है. यूपीए कार्यकाल में करीब 526 करोड़ रूपये प्रति विमान के हिसाब से कीमत रखी गई थी. कांग्रेस आरोप लगा रही है कि अब प्रति विमान की कीमत 1600 करोड़ के आसपास पर मोदी सरकार की डील हुई है. कांग्रेस का आरोप है कि विमान आखिर तीन गुना महंगा कैसे हो गया. 

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