इस्लामाबाद. पाकिस्तान में 25 जुलाई दिन बुधवार को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार सोमवार की आधी रात के बाद खत्म हो गया है. पाकिस्तान में इस बार मतदाताओं में बेहद ही कम उत्साह देखने को मिला है और सुरक्षा की स्थिति भी तनावपूर्ण बताई जा रही है. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक अब कोई भी दल या उम्मीदवार न तो जनसभाओं को संबोधित कर सकेगा और न हीं रैली निकाल सकेगा.

इससे पहले पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कहा है कि नियमों के मुताबिक प्रचार अभियान मध्यरात्रि तक खत्म हो जाना चाहिए ताकि मतदाताओं को सोच विचार का समय मिले और वह 25 जुलाई को होने वाले मतदान में हिस्सा लेने की तैयारी कर सकें. आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को दो साल तक की जेल की सजा या एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. पूर्व के चुनावों के मुकाबले इस बार चुनाव प्रचार को लेकर मतदाताओं में बहुत अधिक उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है.

पाकिस्तान के चुनावों में इस बार शाहबाज शरीफ (पीएमएल-एन), इमरान खान (पीटीआई) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बिलावल अली भुट्टो हैं. नवाज शरीफ के अयोग्य करार दिए जाने के बाद पार्टी की कमान संभालने वाले शाहबाज शरीफ को अच्छा प्रशासक तो माना जाता है, मगर उन्हें नवाज की तरह वजनदार नेता नहीं माना जाता. बिलावल अली भुट्टो राजनीतिक परिवार से हैं, लेकिन वह पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, और उतने प्रभावी नहीं हैं, इसलिए इमरान खान का पलड़ा भारी माना जा रहा है.

पाकिस्तान में आम चुनाव में जीत की ओर से अग्रसर माने जा रहे पीटीआई के नेता इमरान खान को शायद खुद अपनी जीत पर भरोसा नहीं है, इसलिए वह एक दो नहीं बल्कि पांच सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं. पीटीआई प्रमुख इमरान पंजाब प्रांत में 3 सीटों के अलावा खैबर पख्तुनख्वा और सिंध प्रांत से भी चुनावी समर में उतर रहे हैं. वह कराची, लाहौर, रावलपिंडी, बन्नू के अलावा मियांवाली से चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि 2013 में वह 4 सीटों से चुनाव लड़े थे.

समाचार पत्र डॉन के मुताबिक पाकिस्तान में इस बार पूरी चुनावी प्रक्रिया में तकरीबन 2,364 करोड़ रुपए (440 बिलियन पाक रुपए) खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है, जो 2013 के आम चुनावों से 10 फीसदी ज्यादा है. यह पाकिस्तान में अब तक सबसे महंगा चुनाव होगा. भारत के आम चुनाव से इसकी तुलना की जाए तो आज से 4 साल पहले 2014 में हुए आम चुनाव में 3,500 करोड़ रुपए (577 मिलियन यूएस डॉलर) खर्च हुए थे. पाकिस्तान चुनाव आयोग के मुताबिक 2008 में जब देश में चुनाव हुए थे तो उस समय 200 बिलियन पाक रुपए खर्च हुए थे जबकि 2013 में 400 बिलियन पाक रुपए खर्च हुए थे.

डॉन न्यूज ने सर्वे कराया जिसके मुताबिक, 1997 से राजनीति में हाथ आजमा रहे इमरान खान का प्रधानमंत्री बनने का सपना इस बार सच हो सकता है. सर्वेक्षण में शामिल अधिकांश युवा थे, जिनकी उम्र 18 से 44 साल के बीच थी. लाइव अपडेट-

– पाकिस्तान में चुनाव प्रचार समाप्त हो गए हैं. अपने अंतिम चुनावी भाषण में नेताओं ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया. इस अंतिम चुनावी भाषण में नेताओं ने अपनी जीत के प्रति भरोसा जताया और लोगों से मतदान के लिए आने की अपील की. पढ़िए पूरी खबर-

जानिए अपने अंतिम चुनावी भाषण में शाहबाज, इमरान और बिलावल ने क्या कहा

– पीएमएल (एन) नेता शाहबाज शरीफ ने भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी के अच्छे दिनों की तर्ज पर बुरे दिनों के खत्म होने का वादा किया. अपने अंतिम चुनावी भाषण में शाहबाज ने कहा कि पाकिस्तान के दिन बहुरने वाले हैं अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है. उन्होंने बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन का वादा किया. चुनावी प्रचार के अंतिम दिन शाहबाज ने और क्या कहा, यहां पढ़िए-

मोदी के अच्छे दिन की तर्ज पर बोले शाहबाज शरीफ, कहा- बुरे दिन जाने वाले हैं

– पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि महिलाओं के लिए सिर्फ महिला पोलिंग एजेंट नियुक्त किए जाएंगे. इस पर तीनों प्रमुख पार्टियां पीपीपी, पीएमएन (एल) और पीटीआई ने आपत्ति जताई है. तीनों बड़ी पार्टियों ने इसे चुनाव आयोग का अनावश्यक कदम बताया, जिससे विवाद खड़ा हो सकता है. पूरी खबर यहां पढ़ें-

पाक चुनाव में महिला बूथों पर रहेंगी सिर्फ महिला पोलिंग एजेंट, तीनों प्रमुख पार्टियों ने जताई आपत्ति

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