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France Gen Z Protest: फ्रांस की सड़कों पर उतरे Gen Z! 400 से ज़्यादा स्कूल बंद; सरेआम पीटे गए टीचर

France Gen Z Protest: फ्रांस की राजधानी पेरिस के दक्षिण में ऑर्लियन्स के पास एक स्कूल में एक किशोर ने टीचर को घूंसा मारा, जबकि ब्रिटनी के रेनेस में दो स्कूलों (लाइसे) के प्रोफेसरों की कारों में तोड़-फोड़ की गई.

By: JP Yadav | Published: October 3, 2026 11:36:04 AM IST



France Gen Z Protest: पूरे फ्रांस में नफ़रत से भरे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद अब 14 साल तक के बच्चे अपने ही स्कूल क्यों जला रहे हैं और टीचरों पर हमले क्यों कर रहे हैं? इस सवाल ने देश के चिंतकों और विचारकों को चौंका दिया है. सेंट डेनिस की सड़कों पर अब आंसू गैस का दौर नहीं है. आग के हवाले किए गए और पुलिस की कतारों की तरफ फेंके गए बड़े कूड़ेदानों के जले-भुने ढांचे और मिसाइल की तरह इस्तेमाल किए गए आतिशबाजी के अवशेषों को हटाने में अभी और समय लगेगा.

पेरिस के इस गरीब इलाके और पूरे फ्रांस के शहरों में स्कूलों में नफ़रत से भरे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद अब कुछ हद तक शांति लौटी है. हिंसा बहुत व्यापक थी. 400 से ज़्यादा स्कूल बंद कर दिए गए और छात्रों को रिमोट क्लास (ऑनलाइन पढ़ाई) में शामिल होने का आदेश दिया गया, जैसा कोविड महामारी के दौरान देखा गया था. यह उन मंत्रियों का एक हताश दांव था जो गुंडागर्दी भरे प्रदर्शनों के पैमाने के लिए तैयार नहीं थे. दिक्कत की बात यह है कि हिंसा को अंजाम देने वाले ज़्यादातर बच्चे हैं और जिनमें से कुछ की उम्र तो सिर्फ़ 14 साल है.

मार्सिले में टीचर पर डाला गया पेट्रोल

दक्षिणी शहर मार्सिले में एक हेड टीचर पर पेट्रोल डाल दिया गया जब वह आग लगाने वालों को अपने स्कूल में आग लगाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे. उत्तरी फ्रांस के लिले में एक हेडमास्टर के कान पर आतिशबाजी लगी. स्कूल के एक और कर्मचारी के पैर पर आतिशबाजी लगी.  गुरुवार ही को 305 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एक युवा महिला अधिकारी भी शामिल थी जो नकाबपोश भीड़ से भाग रही थी. महिला अधिकारी के गिरने पर भीड़ ने उस पर हमला कर दिया.

स्कूल की इमारतों को जलाकर राख कर दिया गया और आग बुझाने वाली गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, जिससे वो आग पर काबू ना पा सकें. टीवी फुटेज में दिखाया गया कि बोर्डो में एक स्कूल के बाहर एरोसोल कैन फटने के बाद एक फायरमैन आग की लपटों में घिर गया.  फ्रांस के एक मीडिया आउटलेट ने दावा किया कि पुलिस पर आतिशबाजी और दूसरी चीज़ें फेंकी गईं, साथ ही हाइड्रोक्लोरिक एसिड भी फेंका गया. 

महिला पर किया गया फ्लेमथ्रोवर की तरह स्प्रे

वहीं, ऑनलाइन फुटेज में एक युवक एरोसोल के सामने लाइटर पकड़े और उसे एक महिला पर फ्लेमथ्रोवर की तरह स्प्रे करते हुए दिखाई दिया. इंटेलिजेंस अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों के बीच आतिशबाजी लाने-ले जाने और संदिग्धों को पुलिस से भागने में मदद करने के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर का इस्तेमाल किया जा रहा था. 

पेरिस में प्लेस डे ला नेशन के पास विरोध कर रहे छात्र रास्ता रोक रहे हैं और प्रदर्शनकारी कचरे के डिब्बों को आग में डाल रहे हैं. 2 अक्टूबर को पश्चिमी फ्रांस के ब्रेस्ट में केरिचेन हाई स्कूल के पास छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी आंसू गैस के बीच खड़े मिले और फ्रांसीसी पुलिस अधिकारी सामने कार्रवाई करते नजर आए. 

क्यों हो रहा प्रदर्शन

शिक्षा में बेहतर हालात की मांग को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच पूरे देश में फ्रांसीसी हाई स्कूल के छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. दंगा-रोधी पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़पों के वीडियो ने उस गुस्से को और भड़का दिया है जिसने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है. बहुत से लोग इस सब की बेतुकी हरकतों और अधिकारियों की स्थिति को संभालने में विफलता से नाराज हैं.

पुलिस कर रही किशोरों के साथ सख्ती

इस गुस्से का एक बड़ा हिस्सा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन पर केंद्रित है, जिनके एलिसी पैलेस में आखिरी महीने बजट कटौती और मितव्ययिता (खर्च में कटौती) को लेकर विवादों से घिरे रहे हैं. लेकिन किशोरों के साथ बहुत सख़्त बर्ताव को लेकर भी नाराज़गी है. ऑनलाइन एक वीडियो में एक डरी हुई किशोर लड़की को एक हट्टे-कट्टे पुलिसवाले ने गर्दन से पकड़कर (चोकहोल्ड में) घसीटते हुए दिखाया गया.

वीडियो में कैद हुईं कई हिंसक वारदात

एक और वीडियो में मास्क पहने एक युवक पर बहुत पास से बैटन राउंड (लाठी-चार्ज में इस्तेमाल होने वाला गोला) चलाते हुए दिखाया गया. बाद में दावा किया गया कि उस लड़के का जबड़ा टूट गया और दांत चकनाचूर हो गए. पुलिस के अंदर कम से कम तीन जांचें चल रही हैं, जबकि सरकारी वकीलों का दावा है कि युवक ने पहले एक महिला पुलिसकर्मी को मारा था. प्रदर्शनकारियों का यह भी दावा है कि एक सेकेंडरी स्कूल के छात्र की आंख एक चीज़ (प्रोजेक्टाइल) लगने से चली गई. गुरुवार की बात करें तो लगभग 2,000 लोगों को गिरफ़्तार किया गया, जब छात्रों ने 900 से ज़्यादा प्रदर्शनों में स्कूल की इमारतों को ब्लॉक कर दिया था. 

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