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Flydubai Flight Incident: ‘मुझे मार डालो…’ प्लेन के भीतर लगातार चिल्ला रहा था कट्टरपंथी हमलावर

Flydubai Flight Incident: मिली जानकारी के मुताबिक, विमान में मौजूद डेंटिस्ट ने पायलट की जान बचाने में मदद की. इस दौरान हमलावर ने उससे अपनी जान लेने की गुहार लगाई थी.

By: JP Yadav | Last Updated: October 2, 2026 2:37:49 PM IST



Flydubai Flight Incident: चाकू से हमले का शिकार हुए फ्लाईदुबई पायलट की जान बचाने में मदद करने वाले डेंटिस्ट ने बताया कि कट्टरपंथी हाईजैकर ने प्लेन को गिराने में नाकाम रहने के बाद बार-बार ‘मुझे मार डालो’ की गुहार लगाई. इस पूरी घटना में घायल क्रू का नया फुटेज सामने आया है. धार्मिक कट्टरपंथी ने हमला करने के दौरान पायलट को चाकू मारा गया. उस दौरान ऐसा लग रहा था कि वह 9/11 जैसा आतंकी हमला करने की कोशिश कर रहा है. 

यहां पर बता दें कि बुधवार (30 सितंबर, 2026) को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 34,000 फीट की ऊंचाई पर उस समय खून-खराबा हुआ, जब फ्लाइट कैप्टन को उसके को-पायलट ने चाकू मार दिया. चाकू लगने के बावजूद कैप्टन जेट के कंट्रोल और उसमें सवार 174 यात्रियों की जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. इस दौरान प्लेन में सवार बहादुर यात्रियों ने हमलावर को ज़मीन पर गिराकर काबू किया और उसे बांध दिया, जबकि अन्य यात्रियों ने तेज़ी से नीचे गिर रहे जेट का कंट्रोल वापस पाने की कोशिश की और साथ ही बुरी तरह घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की मदद की. 

यात्रियों द्वारा बनाए गए वीडियो में हमलावर (जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह ओमान का धार्मिक कट्टरपंथी है) स्मित मच्छार के बगल में ज़मीन पर बेहोश पड़ा हुआ दिखाई दिया. इसके बाद खून से लथपथ हमलावर का नया फुटेज सामने आया है, जिसमें वह प्लेन की ज़मीन पर बैठा है (प्लेन सऊदी अरब में सुरक्षित उतरा था), उसका सिर झुका हुआ है और हाथ बंधे हुए हैं. वहीं स्मित मच्छार को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया जाया गया. 

हमलावर लगा रहा था जान बचाने की गुहार

प्लेन में सवार बहादुर यात्रियों में से एक जॉर्जियाई यहूदी डेंटिस्ट शोता मुसाएव थे. इज़राइल लौटने के बाद ‘डेली मेल’ से खास बातचीत में 47 वर्षीय मुसाएव ने बताया कि कैसे वह मरणासन्न स्मित मच्छार की मदद के लिए दौड़े, जबकि हमलावर उनसे अपनी जान खत्म करने की गुहार लगा रहा था. सब कुछ ठीक चल रहा था, तभी अचानक हमें महसूस हुआ कि विमान तेज़ी से नीचे गिरा. हमें लगा कि यह सिर्फ़ टर्बुलेंस (हवा का झोंका) है. मैंने अपना कैमरा निकाला और फ़िल्मिंग शुरू कर दी. ठीक आधे मिनट बाद हमने सामने से आवाज़ें सुनीं. चिल्लाने की आवाज़ और एक महिला की चीख- ‘चाकू-चाकू’ निकली.

बार खींच कर लाए आतंकी को

जॉर्जियाई यहूदी डेंटिस्ट शोता मुसाएव ने बताया कि मुझे एहसास हुआ कि यह एक आतंकवादी हमला था और मैं अपने आगे के लोगों के साथ हो लिया, जो सबसे पहले कॉकपिट में घुसे और आतंकवादी को बाहर खींच लाए. उन्होंने बताया कि चार यात्रियों के उस ग्रुप ने हमलावर की गर्दन पकड़ी और उसे कॉकपिट से बाहर खींच लाए. उन्होंने आगे कहा कि हमने आतंकवादी के हाथ-पैर बांधकर उसे काबू में किया.  इस दौरान हमलावर ने बस हमसे यही कहा- ‘मुझे मार डालो.’ 

हो सकता था बड़ा आतंकी हमला

उधर, घायल स्मित मच्छार की बहादुरी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ़ की गई है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं. मुसायेव का मानना ​​है कि पायलट का कॉकपिट का दरवाज़ा खोलना, ताकि लोग अंदर आ सकें, प्लेन के बचने में एक अहम मोड़ था. उन्होंने कहा  कि अगर कॉकपिट बंद रहता, तो शायद हम कुछ नहीं कर पाते. यह 11 सितंबर जैसी ही एक और घटना होती, वैसी ही जैसी अमेरिका में हुई थी. माना जा रह है कि सुसाइड मिशन को सफलतापूर्वक रोकने के कारण डेंटिस्ट का मानना ​​है कि दुनिया को एक युद्ध से बचाया गया है. 

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