मोरक्कोः एक अरबी अखबार ने दावा किया है कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ इस्लाम के संस्थापक पैंगबर मोहम्मद की वंशज हैं. अखबार में छपी एक खबर के मुताबिक महारानी एलिजाबेथ कभी स्पेन में राज करने वाली अरबी बादशाहों की वंशज हैं और इस नाते वह पैगंबर मोहम्मद की वंशज हुईं. ‘मोरक्को’ के अरबी अखबार अल-औसबा की प्रकाशित एक रिपोर्ट में महारानी एलिजाबेथ की बेटी के बारे में दावा किया गया है कि वो फातिमा की 43वीं पीढ़ी से संबंध रखती हैं.

इस दावे को करने वाले लेखक आब्दल हामिद अल-अवनी का मानना है कि रानी एलिजाबेथ द्वितीय दुनिया की सबसे लंबी विरासत वाली रानी मानी जा सकती हैं. इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एलिजाबेथ मोरक्को के बादशाह मोहम्मद चतुर्थ और जॉर्डन के बादशाह अब्दुल्ला द्वितीय की रिश्तेदार हैं और 11वीं सदी के सेविले के शासक अबु-अल-कासिम मोहम्मद बिन-अब्बाद पैगम्बर मोहम्मद की बेटी फातिमा के वंशज थे. रिपोर्ट में बताया गया है कि कासिम वर्ष 1023 में अल-एंडुलुस के सेविले के शासक बने थे. कासिम की बेटी नाम जायदा था. जो कि अब्बासी सल्तनत पर अल्मोरविद शासकों के हमले के समय भागकर स्पेन चली गई थी.

जहां जायदा ने अपना नाम बदल कर इजाबेल रख लिया और रोमन कैथोलिक धर्म अपना लिया. उन्होंने अलफांसो षष्टम से शादी कर ली जिससे उनका एक बेटा हुआ जिसका नाम सांचा रखा. सांचा के वारिस कैम्ब्रिज के तीसरे अर्ल रिचर्ड थे जो इंग्लैण्ड के राजा एडवर्ड तृतीय के पोते थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि मोरक्को, एडुलूसिया और यूरोप के राजाओं में पैगंबर मोहम्मद का खून था. बता दें कि रानी एलीजाबेथ राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख हैं. राष्ट्रमंडल इन देशों का समूह है जो कभी ब्रिटेन के अधीन रहे थे. एलिजाबेथ के वंशजों को लेकर इससे पहले भी कई दावे किए जा चुके हैं हालांकि बर्मिघम पैलेस की तरफ से इसपर कुछ भी नहीं कहा गया है.

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