वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन को लेकर कड़ रुख अपनाते नजर आ रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फोर्ड कंपनी ने अब चीन में छोटी कार बनाने का प्लान स्थगित कर दिया है. यह कार चीन में बनाने के बाद उसे अमेरिका में महंगा टैक्स देना होता था लेकिन यह कार अब अमेरिका में ही बनेगी. यह सिर्फ एक शुरूआत है. फोर्ड को अब महंगा टैरिफ नहीं देना होगा.

इसके अलावा ट्रंप ने एक और ट्वीट किया है कि अगर अमेरिका कोई कार चीन में बेचना चाहता है तो उसे वहां 25 प्रतिशत टैक्स देना होता है. वही कार अगर चीन अमेरिका में बेचता है तो उसे सिर्फ 2 प्रतिशत टैक्स देना होता है, क्या कोई बता सकता है कि यह फेयर है ? अब अमेरिका को दूसरे देशों द्वारा लूटने का दौर बहुत हो चुका. अमेरिकी राष्ट्रपति साफ तौर पर विकासशील देशों से व्यवसायिक रिश्तों पर कड़े तेवर दिखाते नजर आ रहे हैं.

अभी हाल ही में उन्होंने कहा था कि वे भारत और चीन जैसे विकासशील देशों को दी जाने वाले सब्सिडी को खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया था कि वह अमेरिका को भी विकासशील देश की श्रेणी में रखते हैं और चाहते हैं कि अमेरिका अन्य देशों की तुलना में ज्यादा विकसित देश बने. इसके अलावा ट्रंप ने विश्व व्यापार संगठन यानी WTO पर चीन को सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने देने का आरोप लगाया था.

ट्रंप ने कहा था कि कुछ देशों की अर्थव्यवस्था काफी तेजी से आगे बढ़ रही है. हम यह मानकर उन्हें सब्सिडी दे रहे हैं कि वे अभी परिपक्व नहीं हुए हैं. यह बिल्कुल मूर्खतापूर्ण है. भारत और चीन जैसे देश खुद को विकासशील बताकर सब्सिडी लेते हैं. जिसके चलते हमें उन्हें पैसे देने पड़ते हैं. हम इस मूर्खतापूर्ण काम को रोकने जा रहे हैं.

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