न्यूयॉर्क: बाजार जिस तरह विज्ञापन के जरिए आपके पसंद और ना पसंद को तय करता है उसी तरह इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए भी आपको किसी के पक्ष में तो किसी के खिलाफ मोड़ा जा सकता है. अमेरिकी चुनाव में ये साबित हो चुका है और अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात की तस्दीक कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को फेसबुक, गूगल और ट्विटर पर आरोप लगाया कि ये तीनों कंपनियां डेमोक्रेट का पक्ष लड़ती हैं. दरअसल सीनेट में एक रिपोर्ट आई थी कि डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में माहौल बनाने के लिए रूस के एजेंट ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया था.

उसी रिपोर्ट के बाद से भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि फेसबुक, ट्विटर और गूगल डोमोक्रेट्स के पक्ष में थे और ये बेहद नीच हरकत है. ट्रंप ने लिखा कि ट्विटर ने उनके ट्विटर हैंडल को इतना कम दिखाया कि लोगों को उससे जुड़ने में काफी दिक्कत हुई, बतौर ट्रंप ट्विटर ने कई नाम गायब कर दिए साथ ही पेज का लोड़ भी बढ़ा दिया और अब वो कहते हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया.

इंटेलिजेंस कमेटी के सीनेट ने सोमवार को बताया था कि एक सैंट पीटर्सबर्ग में बैठकर संयोजित तरीके से एक कैंपेन चलाया गया जो इंटरनेट रिसर्च एजेंसी की रिसर्च पर आधारित था जिसका उद्देश्य था हिलोरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाना जो डेमोक्रेटिक उम्मीदवार थीं.
आईआरए ने ब्लैकटिविस्ट अकाउंट से लोगों को मैसेज भेजे जिसमें लिखा था कि हिलेरी क्लिंटन को किसी की जान की कोई परवाह नहीं है, सिर्फ उन्हें अपने वोट की चिंता है. इसके अलावा फेसबुक, इंस्टा और ट्विटर पर 3541 अकाउंट बनाए गए और यूट्यूब के व्यू को अध्य्यन करके ऐसा कैंपेन तैयार किया गया जिसमें गोरे अमेरीकियों को ट्रंप के खिलाफ भड़काया गया.

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