नई दिल्ली. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सेनाप्रमुख परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने देशद्रोह और हाई ट्रिसन केस में फांसी की सजा सुनाई है. तीन जजों की बेंच ने 2:1 से यह फैसला सुनाया. इस फैसले की डिटेल कॉपी 48 घंटे बाद जारी होगी.

इस वक्त दुबई में रह रहे पूर्व पाक राष्ट्रपति और सेनाप्रमुख परवेज मुशर्रफ के खिलाफ 3 नवंबर 2007 को देश को आपातकाल की तरफ ले जाने का आरोप है. यह केस 2013 से ही चल रहा था. इस बीच 2016 में मुशर्रफ ने पाकिस्तान छोड़ दिया था. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर फैसला जस्टिस सेठ, जस्टिस नजर अकबर और जस्टिस शाहिद करीम ने सुनाया.

परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मामला पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुरू किया था और यह मामला साल 2013 से लंबित था. विशेष अदालत ने मुशर्रफ को 5 दिसंबर तक बयान दर्ज करने का आदेश दिया था. मुशर्रफ ने विशेष अदालत के फैसले को चुनौती दी थी और उनकी अनुपस्थिति में उनके मुकदमे को निलंबित करने की मांग की थी. उन्होंने लाहौर उच्च न्यायालय से विशेष अदालत के आरक्षित फैसले को निलंबित करने के लिए कहा, जब तक कि वह अदालत में पेश होने के लिए पर्याप्त स्वस्थ न हो.

नवाज शरीफ की बेटी मरयम नवाज ने कहा था कि उनके पिता के खिलाफ साजिश शुरू हो गई थी, क्योंकि उन्होंने जल्द ही परवेज मुशर्रफ को उच्च राजद्रोह का मुकदमा चलाने का फैसला किया. भ्रष्टाचार के एक मामले में चिकित्सा आधार पर जमानत मिलने के बाद नवाज शरीफ का लंदन में इलाज चल रहा है, जिसमें उन्हें सात साल की कैद दी गई थी.

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